नालासोपारा-वसई विरार में बिजली संकट गहराया, रातभर कटौती से 15 लाख उपभोक्ता परेशान
Vasai Virar Nalasopara Power Crisis: वसई-विरार और नालासोपारा क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच 15 लाख से अधिक उपभोक्ता परेशान हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
वसई विरार पावर क्राइसिस (सौ. सोशल मीडिया )
Vasai Virar Nalasopara Power Crisis News: वसई-विरार इलाकों में इन दिनों बिजली संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। तपती धूप और भीषण उमस के बीच, महावितरण की ‘लापरवाह’ कार्यप्रणाली के कारण नागरिकों का आक्रोश सातवें आसमान पर है।
दिनभर की तपिश के बाद रात को भी बिजली कटौती के चलते स्थानीय निवासियों को रतजगा करने पर विवश होना पड़ रहा है। घरेलू, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र के लगभग 15 लाख से अधिक उपभोक्ता इस समय महावितरण की चरमराती व्यवस्था का दंश झेल रहे हैं।
प्री – मानसून की तैयारियों और रखरखाव के दावों की पोल इस संकट ने पूरी तरह खोल दी है। पिछले 15 दिनों से क्षेत्र की विभिन्न बहुमंजिला इमारतों और सोसायटियों में बिजली की आंख-मिचौली का खेल जारी है।
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स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्रतिदिन रात्रि 11 बजे के पश्चात अचानक विद्युत आपूर्ति ठप हो जाती है, जो तड़के 2 से 3 बजे तक निरंतर बाधित रहती है। विरार के बोलिज क्षेत्र के निवासी इंद्रजीत सिंह ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि मंगलवार शाम 5 बजे अचानक दो घंटे के लिए बिजली चली गई।
इसके बाद स्थिति तब और अधिक गंभीर हो गई, जब मध्यरात्रि 2 बजे से सुबह 7 बजे तक (लगभग 5 घंटे) पूरा क्षेत्र अंधकार में डूबा रहा। इसके कारण प्रातःकाल होने वाली जलापूर्ति भी ठप हो गई और लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ा।
इस अनपेक्षित विद्युत ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन के कारण बच्चों, वृद्धों तथा अस्वस्थ मरीजों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। रात्रि में नींद पूरी न होने के कारण नौकरीपेशा वर्ग और विद्यार्थियों की दिनचर्या पर इसका सीधा और प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
रखरखाव – सुदृढ़ीकरण कार्य कागजों तक सीमित
नागरिकों का आरोप है कि मानसून से पूर्व किया जाने वाला आवश्यक रखरखाव और सुदृढीकरण का कार्य केवल कागजों तक सीमित रहा। अभी वर्षा ऋतु का आगमन भी नहीं हुआ है और केबल फॉल्ट, ट्रांसफार्मर का जलना तया ओवरलोडिंग जैसी गंभीर तकनीकी कमियां सतह पर आ गई है।
इस संकट की आंच केवल घरों तक ही सीमित नहीं है। बल्कि स्थानीय व्यापारियों और लघु उद्योगों पर भी इसका वजपात हुआ है। बार-बार होने वाली अघोषित कटौती से उत्पादन प्रक्रिया पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है, जिससे उद्यमियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। औद्योगिक संगठनों ने महावितरण की इस अकर्मण्यता पर तीव्र रोष प्रकट किया है।
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विधायक नाईक ने ली आपात बैठक
- बढ़ते जन-आक्रोश और विकट स्थिति को भांपते हुए नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजन नाईक ने महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विधायक नाईक ने वसई मंडल के अधीक्षक अभियंता माणिक राठौड़ को कड़ी फटकार लगाते हुए क्षेत्र में बाधित हो रही आपूर्ति के कारणों पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा।
- उन्होंने कहा कि लोगों को निर्बाध और सुचारु विद्युत सेवा सुनिश्चित करने के लिए सभी एहतियाती कदम तत्काल उठाए जाएं, तकनीकी विसंगतियों और जर्जर केबलों का समय रहते स्थायी समाधान निकाला जाए, आपात स्थितियों से निपटने नियंत्रण कक्ष और तकनीकी दलों को 24 घंटे मुस्तैद रखा जाए.
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए मंगेश निषाद की रिपोर्ट
