बिजली चोरी (सौ. सोशल मीडिया )
Electricity Theft In Vasai Virar: वसई-विरार शहर में चोरी-छिपे बिजली चोरी के मामले जारी हैं। इस साल महावितरण ने बिजली चोरी की 577 घटनाओं का पर्दाफाश किया है।
इसमें करीब 10 लाख 59 हजार यूनिट बिजली चोरी हुई है। महावितरण के वसई मंडल के तहत वसई, विरार और वाडा डिवीजन में बिजली सप्लाई होती है।
शहर में घरेलू, कमर्शियल, सरकारी और इंडस्ट्रियल मिलाकर 10 लाख 70 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। पिछले कुछ वर्षों में बढ़ते शहरीकरण के कारण बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ जगहों पर चोरी-छिपे बिजली चोरी का प्रतिशत भी बढ़ने लगा है। बिजली की चोरी कई तरीकों से की जाती है जैसे बिजली मीटर के चैनल से छेड़छाड़, नंबरों से छेड़छाड़, मेन बिजली कनेक्शन के सर्विस चैनल को टैप करना।
इससे आम नागरिकों के साथ-साथ महावितरण पर भी असर पड़ा है। इस बिजली चोरी की वजह से महावितरण को आर्थिक नुकसान होने लगा है। इसके लिए महावितरण ने बिजली चोरों पर लगाम लगाने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड और स्पेशल स्क्वॉड बनाए हैं।
इनके जरिए कार्रवाई चल रही है। इस चालू वित्तीय वर्ष में महावितरण के स्क्वॉड ने बिजली चोरी की 577 घटनाओं का पर्दाफाश किया है। इन बिजली चोरों ने करीब 10 लाख 59 हजार 24 यूनिट बिजली चोरी की है, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ 84 लाख 67 हजार रुपये है।
महावितरण ने कहा है कि इसमें से 80 लाख रुपये वसूल किए गए हैं। महावितरण के एक अधिकारी ने यह भी कहा है कि इस मामले में अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में 8 केस दर्ज किए गए हैं। बिजली चोरी नियंत्रण में पिछले साल बिजली चोरी की दर ज्यादा थी। 2024-25 में बिजली चोरी के 2,404 मामले पकड़े गए।
साल 2025-2026 में जांच के दौरान अब तक बिजली चोरी के 577 मामले सामने आए हैं। लगातार अभियान की वजह से देखा गया है कि पिछले साल के मुकाबले दर में 1,827 की कमी आई है। इसलिए महावितरण के अधिकारियों ने दावा किया है कि बिजली चोरी फिलहाल नियंत्रण में है।
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महावितरण ने दावा किया है कि स्मार्ट मीटर से सीक्रेट तरीकों से चोरी नियंत्रित की जा सकती है। हाल ही में लगाए गए स्मार्ट मीटर को मैग्नेटाइज और मैनिपुलेट करके बिजली चोरी की जा रही थी। महावितरण के एक अधिकारी ने कहा है कि इनकी जानकारी सीधे हमारे सिस्टम में उपलब् है। मीटर टैपरिंग, करंट इम्पैलेस, लो पावर फैक्टर, न्यूट्रल डिस्टर्वेस, लो या हाई करंट या वोल्टेज, बिजली न होना, शहर और पीटी को बाईपास करने जैसी सारी जानकारी ऑनलाइन आ रही है।