वसई रोड रेलवे स्टेशन (सोर्स: सोशल मीडिया)
Vasai Road Terminus Railway Project: पालघर और वसई-विरार की जनता के लिए वह ऐतिहासिक खबर आ गई है, जिसका इंतजार दशकों से किया जा रहा था। अब लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने के लिए भारी-भरकम सूटकेस उठाकर मुंबई की लोकल ट्रेनों में धक्के खाने की मजबूरी खत्म होने वाली है। वसई रोड पर प्रस्तावित ‘भव्य कोचिंग टर्मिनस’ का निर्माण कार्य मई 2026 से शुरू होने जा रहा है। पश्चिम रेलवे के चर्चगेट कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही जमीन पर काम नजर आने लगेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पटरी पर लाने में पालघर के सांसद डॉ. हेमंत सावरा ने भूमिका अहम निभाई है।
वर्तमान में वसई-विरार के लाखों यात्रियों को उत्तर या दक्षिण भारत जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए दादर, मुंबई सेंट्रल या लोकमान्य तिलक टर्मिनस (कुर्ला) तक जाना पड़ता है। इसमें न केवल घंटों समय बर्बाद होता है, बल्कि भारी ट्रैफिक और भीड़ का सामना भी करना पड़ता है। टर्मिनस बनने के बाद यात्री अपने ही इलाके से लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ सकेंगे।
रेलवे ने इस टर्मिनस को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का मास्टर प्लान तैयार किया है- एयरपोर्ट जैसा वेटिंग लाउंज, वर्ल्ड क्लास फूड कोर्ट और विशाल पार्किंग व्यवस्था। कई लंबी दूरी की ट्रेनों की शुरुआत और समाप्ति अब वसई से ही होगी। निर्माण कार्य मई 2026 में शुरू होकर जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट केवल रेल यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, टर्मिनस बनने से वसई-विरार में रियल एस्टेट, व्यापार और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा उछाल आएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
वसई-विरार के यात्रियों के लिए लंबी दूरी की यात्रा अब तक एक बड़ी चुनौती रही है। उत्तर और दक्षिण भारत की ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों को 3 से 4 घंटे पहले घर से निकलकर दादर, बांद्रा या मुंबई सेंट्रल पहुंचना पड़ता है। भारी सामान के साथ लोकल ट्रेन में सफर करना किसी जंग से कम नहीं होता। लेकिन वसई टर्मिनस बनने के बाद हालात पूरी तरह बदल जाएंगे। यात्री अब घर से महज 15 से 20 मिनट पहले निकलकर सीधे अपनी लंबी दूरी की ट्रेन में सवार हो सकेंगे। इससे न केवल समय की बड़ी बचत होगी।
लंबी दूरी के यात्रियों के भारी सामान के कारण लोकल ट्रेनों में असुविधा बढ़ जाती है। खासकर पीक आवर्स में स्थिति और भी कठिन हो जाती है। वसई टर्मिनस के शुरू होने के बाद ऐसे यात्रियों को लोकल ट्रेन में सफर करने की जरूरत कम होगी। इससे लोकल ट्रेनों में भीड़ का दबाव घटेगा और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को थोड़ी राहत और अतिरिक्त जगह मिल सकेगी।
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परिवहन के इस क्रांतिकारी सुधार और विकास कार्य का भाजपा नेताओं ने स्वागत किया है। जिन नेताओं ने स्वागत किया है उनमें भाजपा ग्रुप लीडर नंदा महाजन, नगरसेवक उमेश फेगडे, हेमराज हेगडे, कल्पना वाणी, रुबाब तडवी, योगेश चौधरी और तालुकाध्यक्ष सागर कोली सहित कई पदाधिकारी शामिल हैं। इससे अब लोगों के समय की बचत होगी।
सांसद डॉ. हेमंत सावरा ने कहा कि वसई टर्मिनस परियोजना वसई-विरार और पालघर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी। इससे लोगों को दादर, बांदा और कुर्ला जाने की मजबूरी खत्म होगी और वे अपने ही क्षेत्र से लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ सकेंगे, केंद्र सरकार और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सहयोग से यह परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि भविष्य में वसई से दिवा और पनवेल के बीच लोकल कनेक्टिविटी भी शुरू हो, जिससे पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत हो।
– नवभारत लाइव के लिए पालघर से सुरेश देवसहाई की रिपोर्ट