

Shiv Sena Leaders Booked For Assault: दहीहंडी उत्सव के दौरान घायल हुए गोविंदाओं के इलाज के बिल को लेकर हुए विवाद पर अब पालघर पुलिस निरीक्षक किशोर मनभाव का बयान सामने आया है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से दहीहंडी कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
उत्सव के दौरान कुछ गोविंदाओं को चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पालघर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल गोविंदाओं के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके मेडिकल बिल को लेकर शिवसेना के पदाधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन के बीच बातचीत चल रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया।
पुलिस निरीक्षक किशोर मनभाव के मुताबिक, मेडिकल बिल को लेकर चल रही चर्चा के दौरान विवाद बढ़ गया। पालघर पुलिस के अनुसार, इसी दौरान शिवसेना के कुछ पदाधिकारियों ने कथित तौर पर अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मारपीट और उन्हें धमकाने की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि विवाद के बाद संबंधित पदाधिकारी घायल गोविंदाओं को अस्पताल से अपने साथ ले गए। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस निरीक्षक के बयान के सामने आने के बाद अब इस मामले में हुई कथित मारपीट और धमकी की घटना को लेकर पुलिस कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट हुई है।
किशोर मनभाव ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की शिकायत के आधार पर पालघर पुलिस थाने में शिवसेना(शिंदे गुट) के 17 पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर मारपीट, धमकी और अन्य संबंधित उल्लंघनों के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि अस्पताल में विवाद किन परिस्थितियों में हुआ और कथित मारपीट तथा धमकी की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस निरीक्षक किशोर मनभाव का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब दहीहंडी उत्सव के दौरान घायल गोविंदाओं के इलाज और उसके बाद अस्पताल में हुए विवाद को लेकर मामला पहले ही चर्चा में है। पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है।