कहां तक पहुंचा मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का काम? अश्विनी वैष्णव ने दूसरे टनल के ब्रेक थ्रो पर जाहिर की खुशी
Mumbai Ahmedabad Bullet Train Update: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत पालघर में दूसरी पर्वत सुरंग (MT-6) का काम पूरा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 15 अगस्त 2027 की समयसीमा तय की।
- Written By: अनिल सिंह
Ashwini Vaishnaw Palghar Tunnel Breakthrough (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Ashwini Vaishnaw Palghar Tunnel Breakthrough: भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का काम अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। मंगलवार (3 फरवरी) को महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई, जब परियोजना की दूसरी पर्वत सुरंग (Mountain Tunnel-6) का सफलतापूर्वक ‘ब्रेकथ्रू’ (खुदाई का अंतिम चरण) पूरा कर लिया गया। इस ऐतिहासिक पल के गवाह रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव खुद बने, जो दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम में शामिल हुए। जैसे ही टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) ने सुरंग के अंतिम हिस्से को तोड़ा, रेल मंत्री ने तालियां बजाकर इंजीनियरों का उत्साहवर्धन किया और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा कार्यस्थल गूंज उठा।
यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले महीने ही पालघर में पहली सुरंग (MT-5) का काम पूरा हुआ था। एक ही महीने के भीतर दो महत्वपूर्ण सुरंगों का काम पूरा होना महाराष्ट्र खंड में परियोजना की तेज गति को दर्शाता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मौके पर घोषणा की कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 को अपनी पहली व्यावसायिक यात्रा पर निकलेगी।
Bullet Train Project achieves another milestone.
2nd tunnel breakthrough in Palghar within a month. 📍 Palghar, Maharashtra pic.twitter.com/uv3QEsXvjp — Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) February 3, 2026
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गुजरात में होगा पहला ट्रायल रन
508 किलोमीटर लंबे इस पूरे कॉरिडोर का सबसे पहला अनुभव गुजरात के लोगों को मिलेगा। रेल मंत्री के अनुसार, बुलेट ट्रेन का ट्रायल रन गुजरात के सूरत और बिलिमोरा के बीच आयोजित किया जाएगा। सबसे पहले गुजरात खंड को जनता के लिए खोला जाएगा, जिसके बाद इसे धीरे-धीरे वापी और फिर अहमदाबाद तक बढ़ाया जाएगा। 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान अहमदाबाद में इस ट्रेन की उपयोगिता काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। पूरे रूट के 2029 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है, जिससे मुंबई से अहमदाबाद का सफर मात्र 2 घंटे का रह जाएगा।
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इंजीनियरिंग का कमाल: समुद्र और पहाड़ों के बीच रास्ता
बुलेट ट्रेन परियोजना केवल रफ्तार का खेल नहीं, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। पूरे 508 किलोमीटर के रूट में 21 किलोमीटर का हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है। इसमें सबसे रोमांचक हिस्सा 7 किलोमीटर की वह सुरंग है जो समुद्र के नीचे बनाई जा रही है। इसके अलावा, पूरे कॉरिडोर में कुल 8 पर्वत सुरंगें, 28 बड़े पुल और 25 नदियों पर पुल बनाए जा रहे हैं। पालघर में मिली सफलता इस जटिल नेटवर्क को जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रोजेक्ट के मुख्य आकर्षण और रफ्तार
बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। 508 किलोमीटर के कुल कॉरिडोर में से 348 किलोमीटर गुजरात में, 4 किलोमीटर दादरा एवं नगर हवेली में और 156 किलोमीटर का हिस्सा महाराष्ट्र में आता है। पूरे मार्ग पर कुल 12 स्टेशन होंगे। यदि ट्रेन सभी स्टेशनों पर रुकती है, तो मुंबई-अहमदाबाद की दूरी 2 घंटे 17 मिनट में तय होगी, जबकि केवल चुनिंदा स्टेशनों पर रुकने वाली ‘रैपिड’ ट्रेन इस सफर को मात्र 1 घंटा 58 मिनट में पूरा कर लेगी।
