अमित शाह ने पीयूष गोयल को लगाई फटकार, प्रफुल्ल पटेल को बताया था भावी एनसीपी प्रेसिडेंट

Piyush Goyal Apology NCP Statement: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी का नया अध्यक्ष बताए जाने पर अमित शाह ने नाराजगी जताई है। जानें क्या है पूरा विवाद।
Amit Shah scolds Piyush Goyal On NCP President
Amit Shah scolds Piyush Goyal On NCP President (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Amit Shah scolds Piyush Goyal: महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद उपजा नेतृत्व का संकट अब दिल्ली के गलियारों तक पहुंच गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के एक हालिया बयान ने न केवल एनसीपी (अजित पवार गुट) बल्कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को भी असहज कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह ने पीयूष गोयल द्वारा प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी का "भावी अध्यक्ष" बताने वाले बयान पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। शाह ने स्पष्ट किया है कि सहयोगी दलों के आंतरिक मामलों और उनके नेतृत्व परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बिना आधिकारिक पुष्टि के बयानबाजी करना गठबंधन धर्म के खिलाफ है।

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पीयूष गोयल ने एक साक्षात्कार के दौरान दावा कर दिया कि प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। चूंकि प्रफुल्ल पटेल फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष हैं और पार्टी अभी अजित पवार के शोक से उबर रही है, ऐसे में इस बयान ने महाराष्ट्र में राजनीतिक भूकंप ला दिया। खुद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को सामने आकर इस खबर का खंडन करना पड़ा, जिससे भाजपा की भी काफी किरकिरी हुई।

अमित शाह की फटकार और अनुशासन का पाठ

मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पीयूष गोयल के इस "स्वघोषित" ऐलान के तुरंत बाद अमित शाह ने उन्हें तलब किया। शाह ने गोयल को फटकार लगाते हुए कहा कि महायुति गठबंधन में एनसीपी एक स्वतंत्र इकाई है और उनके सांगठनिक फैसलों की घोषणा भाजपा नेताओं को नहीं करनी चाहिए। शाह का मानना है कि इस तरह के बयानों से सहयोगी दलों के भीतर अविश्वास पैदा होता है और विपक्ष को निशाना साधने का मौका मिल जाता है। इस फटकार के बाद ही पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार की।

पीयूष गोयल की सफाई: "पत्रकार ने दी थी गलत जानकारी"

विवाद बढ़ता देख पीयूष गोयल ने तत्काल एक स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि उन्हें एक वरिष्ठ पत्रकार द्वारा गलत जानकारी दी गई थी कि प्रफुल्ल पटेल को अध्यक्ष चुन लिया गया है। गोयल ने कहा, "बिना जानकारी की पुष्टि किए मैंने मीडिया में बयान दे दिया, जिसका मुझे खेद है। एनसीपी वर्तमान में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में कार्य कर रही है और अध्यक्ष पद का फैसला पार्टी खुद करेगी।" गोयल के इस 'यू-टर्न' ने साफ कर दिया कि फिलहाल दिल्ली से कोई नाम थोपा नहीं जा रहा है।

महायुति के भीतर बढ़ता तनाव

अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी का भविष्य अभी अधर में है। एक तरफ शरद पवार गुट के साथ विलय की चर्चाएं हैं, तो दूसरी तरफ सुनेत्रा पवार और प्रफुल्ल पटेल के बीच नेतृत्व को लेकर खींचतान की खबरें। ऐसे में पीयूष गोयल के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। राज ठाकरे जैसी हस्तियों ने भी इस पर तंज कसते हुए कहा था कि "पवारों की पार्टी का अध्यक्ष कोई पाटील होना चाहिए, पटेल नहीं।" अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद अब भाजपा नेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे एनसीपी के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से बचें।

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