

Vadhavan Port Project Land Transferred: महाराष्ट्र के महत्वाकांक्षी वाढवण पोर्ट प्रोजेक्ट को रफ़्तार देने का कार्य हो रहा है। राज्य सरकार ने परियोजना के लिए आवश्यक ग्रीनफील्ड हाईवे और रेलवे लाइन के निर्माण के लिए पालघर और डहाणू तहसील के चार गांवों में करीब 2.25 हेक्टेयर (लगभग साढ़े पांच एकड़) सरकारी जमीन जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को हस्तांतरित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने लिया है। राजस्व विभाग ने बिना भोगवटामूल्य (कब्जाधिकार शुल्क) लगाए, भोगवटादार वर्ग-2 के अधिकार के तहत यह जमीन जेएनपीए और एनएचएआई को सौंपने की मंजूरी दी है। सरकार के इस फैसले से वाढवण पोर्ट को जोड़ने वाले प्रमुख सड़क और रेल संपर्क मार्गों के निर्माण में जमीन से संबंधित अड़चन दूर होने का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार के निर्णय के अनुसार, पालघर तहसील के गारगांव गांव में दो सर्वे नंबरों की कुल 1.69.85 हेक्टेयर जमीन तथा शिगांव में 0.01.50 हेक्टेयर जमीन हस्तांतरित की जाएगी। वहीं, डहाणू तहसील के चिंचणी गांव में 0.53.25 हेक्टेयर और बावड़े गांव में 0.01.25 हेक्टेयर जमीन परियोजना के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
महाराष्ट्र राज्य सरकार ने जमीन हस्तांतरण के साथ कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी निर्धारित की हैं। हस्तांतरित जमीन का इस्तेमाल केवल स्वीकृत हाईवे और रेलवे परियोजनाओं के लिए ही किया जा सकेगा। जमीन पर भविष्य में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो, इसकी पूरी जिम्मेदारी जेएनपीए और एनएचएआई की होगी।
इसके अलावा सिंचाई विभाग के नियमों, तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) से जुड़े प्रावधानों तथा अनुसूचित क्षेत्र के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। संबंधित ग्रामसभाओं के प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद ही पालघर जिलाधिकारी द्वारा जमीन हस्तांतरण के संबंध में अंतिम आदेश जारी किया जाएगा।
राज्य सरकार के इस फैसले को वाढवण पोर्ट परियोजना के सड़क और रेल संपर्क तंत्र के विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे पोर्ट तक पहुंचने वाली परिवहन सुविधाओं के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। परियोजना से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को गति प्रदान की जा रही है।