बॉम्बे हाईकोर्ट ने निपटाई कैब चालकों की याचिका; ड्राइवरों को भाषा सीखने के लिए मिला 1 साल का अतिरिक्त समय

Cab Drivers Marathi Rule: बॉम्बे HC ने मराठी भाषा सीखने के नियम के खिलाफ कैब चालकों की याचिका का निस्तारण कर दिया है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा 1 साल की मोहलत देने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।
bombay     hc     disposes     cab     drivers     petition     marathi     language     extension
बॉम्बे हाईकोर्ट(सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bombay HC Disposes Cab Drivers Petition: महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने को लेकर अब 1 साल की मोहलत मिलने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी कैब चालकों की याचिका का निपटारा कर दिया है।

शनिवार को सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ के समक्ष महाराष्ट्र सरकार की अतिरिक्त वकील ज्योति चव्हाण ने बताया कि राज्य सरकार ने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए निर्धारित समय में एक साल का मौका देने का फैसला किया है। सरकार की ओर से दी गई इस जानकारी के बाद अदालत ने याचिका का निस्तारण कर दिया।

क्या थी याचिका

यह याचिका चार कैब चालकों मोहम्मद कासिम अहमद, मोहम्मद तौसीफ शेख, सियाद अहमद और सादिक नासिर अली खान ने अधिवक्ता विवेक शुक्ला के माध्यम से दायर की थी। याचिका में 12 अगस्त को जारी सरकारी अधिसूचना पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ताओं का दावा था कि मराठी भाषा की कामकाजी जानकारी अनिवार्य करने वाला नियम उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।

bombay     hc     disposes     cab     drivers     petition     marathi     language     extension
सही नहीं थी तुकाराम मुंढे की कार्रवाई... बॉम्बे हाई कोर्ट ने FDA को लगाई फटकार, कानूनी लड़ाई में MCA की जीत

मूल अधिकारों का हनन

याचिकाकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 का हवाला देते हुए कहा था कि इस नियम से समानता के अधिकार, व्यापार एवं पेशा करने की स्वतंत्रता और जीवन के अधिकार पर असर पड़ता है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि मोटर वाहन अधिनियम में ड्राइविंग लाइसेंस या संबंधित परमिट के लिए किसी विशेष भाषा की जानकारी को अनिवार्य योग्यता के रूप में निर्धारित नहीं किया गया है।

याचिका में कहा गया था कि भाषा संबंधी शर्त लागू होने से लाखों गरीब और प्रवासी चालकों के सामने अपने बैज के निलंबन और परमिट रद्द होने का खतरा पैदा हो सकता है। इससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।

bombay     hc     disposes     cab     drivers     petition     marathi     language     extension
शरद पवार को एक और झटका! रोहित पवार की NCP कोर कमेटी मीटिंग से दूरी, क्या कांग्रेस से बढ़ती नजदीकियां हैं वजह?

बुनियादी मराठी सीखनी होगी

उल्लेखनीय है कि राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने अप्रैल में घोषणा की थी कि गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को बुनियादी मराठी सीखनी होगी। इसके लिए मराठी कक्षाएं आयोजित करने और 15 अगस्त तक भाषा की जानकारी हासिल करने की समय-सीमा तय की गई थी। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद इस समय-सीमा को एक वर्ष बढ़ाने की घोषणा कर दी।

लायसेंस बैज छिनने का डर

सीएम देवेन्द्र फड़णवीस की घोषणा के साथ ही गैर-मराठी चालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का खतरा भी फिलहाल टल गया है। चर्चा है कि सीएम ने आगामी यूपी चुनाव को देखते हुए यह निर्णय लिया क्योंकि मुंबई एवं उपनगरों में बड़ी संख्या में यूपी से जुड़े रिक्शा टैक्सी चालक यहां जीवनयापन करते हैं।

उन्हें डर था कि मराठी न आने की वजह से उनका लायसेंस बैज छिन सकता है। अब हाइकोर्ट ने भी याचिका का निस्तारण कर दिया है। इससे रिक्शा टैक्सी चालकों को बड़ी राहत मिली है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com