315 सरपंचों की प्रशासक नियुक्ति का आदेश, सरपंच संगठन की बड़ी जीत, हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
Sarpanch Administrator Appointment: वर्धा जिले की 315 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को प्रशासक नियुक्त करने संबंधी आदेश आखिरकार जारी कर दिए गए हैं।
Gram Vikas Department (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो-सोशल मीडिया)
Wardha Zilla Parishad: वर्धा जिले की वर्ष 2024-25 कार्यकाल वाली 315 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को प्रशासक नियुक्त करने संबंधी न्यायालय के निर्णय के बाद आखिरकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्यालय द्वारा नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया। सीईओ पराग सोमण ने यह आदेश सरपंच संगठन के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र राऊत को सौंपा। इस निर्णय को सरपंच संगठन की न्यायालयीन लड़ाई, आंदोलनों और लगातार किए गए प्रयासों की बड़ी जीत माना जा रहा है। आदेश जारी होने के बाद सरपंच संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी का आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि 15 मई को ग्राम विकास विभाग द्वारा 315 सरपंचों को प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी किए जाने के बावजूद जिला परिषद प्रशासन द्वारा उसपर अमल नहीं किया गया था। इसके विरोध में सरपंच संगठन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र राऊत के नेतृत्व में 21 मई को मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कक्ष में तीन घंटे तक धरना आंदोलन किया था।
न्यायालयीन लड़ाई के बाद 315 सरपंचों को मिला प्रशासक नियुक्ति आदेश
मांग पूरी नहीं होने पर संगठन के पदाधिकारी 26 मई को मुंबई पहुंचे और ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे को ज्ञापन सौंपकर न्यायालय के निर्णयानुसार तत्काल आदेश जारी करने के निर्देश देने की मांग की थी। मंत्री ने भी इस मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी।
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वर्धा जिले में जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच कार्यकाल समाप्त होने वाली 315 ग्राम पंचायतों की ओर से वर्धा जिला सरपंच संगठन ने मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में याचिका दायर की थी। 10 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने 20 फरवरी के परिपत्र को तत्काल प्रभाव से लागू करने तथा संबंधित सभी पक्षों, विशेषकर राज्य सरकार को आवश्यक कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे।
सरपंच संगठन के संघर्ष को मिली सफलता
इसके बावजूद आदेश लागू नहीं होने से सरपंचों में रोष था। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र राऊत, जिला प्रचार प्रमुख विलास नवघरे, जिला उपाध्यक्ष राजेश सावरकर, मुरलीधर चौधरी, कीर्ति सवई, संजय ढुमणे, संतोष सेलूकर, दामणी डेकाटे, वर्षा गणवीर, शारदा तुमडाम, विनोद वानखेड़े, जगदीश संचारिया सहित जिलेभर के अनेक सरपंच और संगठन पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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संगठन ने जिप के सामने चार दिन तक आमरण अनशन भी किया था। बाद में ग्राम विकास विभाग द्वारा 15 मई को उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन हेतु आवश्यक कार्रवाई करने और न्यायालय की अवमानना न होने देने संबंधी पत्र जारी किया गया। अंततः सरपंच संगठन के लगातार संघर्ष के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोमण, उपमुख्य कार्यपालन अधिकारी ज्ञानदा फणसे तथा भोसले ने संगठन के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र राऊत और अन्य पदाधिकारियों को नियुक्ति आदेश सौंपा।
