

Sakoli Depositors Protest: साकोली स्थित लक्ष्मी ग्रामीण गैरकृषि सहकारी पतसंस्था के कामकाज के खिलाफ जमाकर्ताओं ने आक्रामक रुख अपना लिया है। अपने हक के पैसे वापस न मिलने से नाराज 20 से 25 जमाकर्ताओं ने बुधवार को भंडारा स्थित जिला उपनिबंधक सहकारी संस्था कार्यालय पर धावा बोल दिया। इन खाताधारकों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों के भीतर उनकी जमा पूंजी वापस नहीं की गई, तो वे आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
साकोली शाखा के अनेक खाताधारकों की सावधि फिक्स्ड डिपॉजिट और नित्यनिधि जमा राशि की अवधि पूरी होने के बाद भी उन्हें भुगतान करने में टालमटोल की जा रही है। जिला उपनिबंधक कार्यालय में हुई चर्चा के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि साकोली शाखा के लिए 85 लाख रुपये का प्रावधान होने के बावजूद वास्तव में केवल 43 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया है।
जमाकर्ताओं ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि बाकी के 32 लाख रुपये कहां गए। इस मौके पर खाताधारक भोजराम बांगड़कर, प्रकाश रोकडे, विनोद गुप्ता, शुभम वखारे, सिराज पाशा, अरुण बडोले, रोहित कांबले, रफीफुज शेख, प्रह्लाद कटनकार, जयश्री मेश्राम, पूजा रामटेके और शालू कांबले सहित कई जमाकर्ता उपस्थित थे। प्रशासन के इस हस्तक्षेप के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पतसंस्था प्रबंधन क्या कदम उठाता है।
जिला उपनिबंधक की कार्रवाई जिला उपनिबंधक शुद्धोधन कांबले ने महज 10 मिनट के भीतर पतसंस्था प्रबंधन को एक पत्र जारी कर दिया। इस पत्र के माध्यम से पतसंस्था को आदेश दिया गया है कि वे जमाकर्ताओं के पैसे जल्द से जल्द वापस लौटाएं और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट कार्यालय को सौंपें। शिकायतकर्ता खाताधारकों ने इस पत्र को लाखनी स्थित मुख्य शाखा और साकोली शाखा में खुद ले जाकर वहां से प्राप्ति रिसीविंग के मुहर और हस्ताक्षर भी ले लिए हैं।