भारी बारिश भी नहीं रोक पायी मनपा कर्मचारियों का आंदोलन, प्रशासन के खिलाफ जमकर बोला हल्ला
बुधवार को राष्ट्रीय नागपुर कॉरपोरेशन एम्प्लॉइज एसोसिएशन की ओर से भारी बारिश के बाद भी नागपुर के संविधान चौक पर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहा। सुरेंद्र टिंगणे की अध्यक्षता में ये प्रदर्शन हुआ।
- Written By: अपूर्वा नायक
मनपा कर्मचारियों का प्रदर्शन (सौ. Navbharat)
Nagpur News: सालों से लंबित मांगों को लेकर बुधवार को राष्ट्रीय नागपुर कॉरपोरेशन एम्प्लॉइज एसोसिएशन यानी इंटक की ओर से संविधान चौक पर मूसलाधार बारिश के बावजूद शाम ५.०० बजे तक धरना प्रदर्शन किया गया।
यह आंदोलन संगठन के अध्यक्ष सुरेंद्र टिंगणे के नेतृत्व में संपन्न हुआ। प्रदर्शनकारी कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी विभिन्न प्रमुख मांगों को लेकर एकजुट हुए थे। अध्यक्ष टिंगणे और प्रवीण तंत्रपाडे ने कहा कि वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए १ जनवरी, २०१६ से प्रत्यक्ष वेतन लागू करना और ४४ महीने का बकाया भुगतान करने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
इसी तरह से सरकार के निर्णयानुसार १०, २०, 3० वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए आश्वस्त प्रगति योजना के मामलों को तत्काल निपटाना अनिवार्य है। कर्मचारियों को कैशलेस मेडिक्लेम बीमा योजना लागू करने, एवजदार सफाई कामगारों के लिए २० वर्ष की सेवा के बाद स्थायीकरण की शर्त को रद्द करने, अधिसंख्य पदों पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को मनपा के नियमित रिक्त पदों पर समायोजित करने और उनके वारिसों को लाड समिति का लाभ प्रदान करने की मांग की गई।
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पदोन्नति के मामलों को निपटाया जाए
पदाधिकारियों ने कहा कि मनपा में सभी पदोन्नति के मामलों को तुरंत निपटाया जाना चाहिए। संशोधित सेवा नियमों में त्रुटियों को दूर कर पदोन्नति के पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति देना, शासकीय छुट्टी के दिन काम करने वाले कर्मचारियों को नकद मुआवजा देना, गणेश उत्सव से पहले महंगाई भत्ते का बकाया एकमुश्त राशि देने, मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठन को स्थायी कार्यालय भवन प्रदान करने की मांग भी की गई।
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प्रदर्शन के दौरान रंजन नलोडे, दत्ता डहाके, महेंद्र बोस, सुभाष इंगले, बंडू रंधाई, मुकुंद मुले, धर्मदास मेश्राम, गौतम पाटिल, भूपेंद्र तिवारी, गोविंद दावले, अरुण तुर्केल, बाबा श्रीखंडे, गनराज महाडिक, राजपाल खोब्रागडे, मधुकर भोयर, आशुतोष पानतावने, संजय मोहले, अभय अप्पनवार, मंगेश राऊत, संजय शिंगणे, योगेश बोरकर, सुनील दातार, प्रफुल्ल टिंगणे, प्रदीप होले, प्रशांत डुडूरे, संजय गाटकीने, पुरुषोत्तम कैकाडे और देवानंद वाघमारे आदि ने हिस्सा लिया।
