

Shivraj Motegaonkar Pune RCC Coaching Campus Demolished: नीट पेपर लीक मामले के आरोपी शिवराज मोटेगांवकर पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। पुणे स्थित RCC (रेणुकाई करियर सेंटर) कैंपस पर पुणे महानगरपालिका ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया है। इसके साथ ही मोटेगांवकर से जुड़ी 2 संपत्तियों को भी सील कर दिया गया है। सीबीआई द्वारा मोटेगांवकर को गिरफ्तार करने के बाद पीएमसी ने यह कार्रवाई की है।
पुणे महानगरपालिका (PMC) अधिकारियों के अनुसार, मोटेगांवकर द्वारा संचालित आरसीसी क्लासेस पर करीब 3.20 करोड़ का संपत्ति कर बकाया था। व्यावसायिक परिसर का कथित रूप से अनधिकृत उपयोग भी किया जा रहा था। डेक्कन और जंगली महाराज रोड स्थित परिसर में नीट और जेईई की कोचिंग क्लासेस चलाई जा रही थीं। कार्रवाई के तहत जंगली महाराज रोड स्थित बोरावके बिल्डिंग में पहली मंजिल पर मौजूद शॉप नंबर 1 को सील कर दिया गया है। पीएमसी अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक अनुमति और वैध प्रमाणपत्र के बिना यहां कोचिंग क्लासेस संचालित की जा रही थीं।
पीएमसी के निर्माण विभाग की जांच में RCC काेचिंग कैंपस की इमारत के मूल स्ट्रक्चर में कई बदलाव पाए गए। अधिकारियों के अनुसार, परिसर में अवैध पार्किंग और बड़े पैमाने पर अनधिकृत निर्माण किया गया था। इसके बाद पुलिस बंदोबस्त के बीच बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध हिस्सों को तौड़ दिया गया।
पुणे मनपा ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल आरसीसी कैंपस तक सीमित नहीं रहेगी, प्रशासन अब मोटेगांवकर से जुड़ी शहर की अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रहा है। अन्य परिसरों में भी टैक्स बकाया और अनधिकृत निर्माण की जांच की जा रही है।
पीएमसी सिटी इंजीनियर अनिरुद्ध पावसकर ने कहा कि मोटेगांवकर द्वारा संचालित आरसीसी कोचिंग संस्थान को सील कर दिया गया है। यह संस्थान निजी मालिक से परिसर किराये पर लेकर पिछले डेढ़ साल से क्लासेस चला रहा था। कोचिंग क्लासेस का कुल क्षेत्रफल 272 वर्ग मीटर है और यह बिना कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के संचालित किया जा रहा था। पीएमसी के कर विभाग ने भी इस संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बिना वैध प्रमाणपत्र के संचालन करने पर संपत्ति पर वास्तविक कर निर्धारण से तीन गुना अधिक जुर्माना लगाया गया है।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले में बुधवार को सीबीआई की और से अदालत में पेश किए गए तथ्यों के आधार पर आरोपी मंगीलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। वहीं आरोपी शुभम खैरनार की सीबीआई हिरासत पांच दिन और बढ़ा दी गई है ताकि उससे आगे पूछताछ की जा सके। एजेंसी का मानना है कि शुभम इस पूरे मामले की अहम कड़ी है, जो कई बड़े राज खोल सकता है। इस मामले में मनीषा मंधारे और मनीषा वाघमारे को भी गिरफ्तार किया है। नीट पेपर लीक मामले में अब तक 10 गिरफ्तारियां हो चुकी है।