पूर्व सरपंच ने उठाया मुद्दा, मुख्यालय में नहीं रहते, फिर भी ले रहे किराया भत्ता: ग्रामसेवकों पर आरोप
Yeola Gramsevak HRA Issue: येवला तहसील में कई अधिकारी और ग्रामसेवक मुख्यालय में निवास नहीं करने के बावजूद घर किराया भत्ता ले रहे हैं। पूर्व सरपंच नवनाथ लभडे ने इस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik District Rural Administration ( सोर्स : शोसल मीडिया )
Nashik District Rural Administration: येवला तहसील के अधिकांश अधिकारी और ग्रामसेवक अपने नियुक्ति वाले मुख्यालय में निवास नहीं कर रहे हैं, फिर भी वे शासन से गलत तरीके से घर किराया भत्ता ले रहे हैं।
निमगाव मढ के पूर्व सरपंच नवनाथ लभडे ने यह गंभीर आरोप लगाया है। ग्राम विकास विभाग के सरकारी निर्णय के अनुसार, ग्राम पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अपने नियुक्ति मुख्यालय में रहना अनिवार्य है।
नियमों में स्पष्ट है कि यदि कोई कर्मचारी मुख्यालय में नहीं रहता है, तो उसे आवास भत्ता नहीं दिया जाना चाहिए, लभडे का आरोप है कि तहसील के कई अधिकारी जिले के मुख्य शहर (नाशिक) या अन्य शहरों में रह रहे हैं, लेकिन रिकॉर्ड में मुख्यालय का पता दिखाकर भत्ता हड़प रहे हैं।
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स्मरण पत्रों के बावजूद चुप्पी
इस संबंध में पंचायत समिति के खंड विकास अधिकारी को पिछले एक साल से कई शिकायतें और स्मरण पत्र दिए गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पूर्व सरपंच ने मांग की है कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जाए और जो अधिकारी मुख्यालय में नहीं रह रहे हैं, उनसे अब तक लिए गए भत्ते की वसूली की जाए, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं करता है, तो वे उच्च स्तरीय शिकायत करेंगे और न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
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मामले के मुख्य बिंदु
आरोपः अधिकारी ग्रामसेवक मुख्यालय में न रहकर भी आवास भत्ता ले रहे हैं। नियम सरकारी निर्णय के अनुसार मुख्यालय में रहना अनिवार्य, अन्यथा भत्ता देय नहीं। प्रशासनिक सुस्तीः एक साल से शिकायती और स्मरण पत्री पर कोई एक्शन नहीं। अगली चेतावनी आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की तैयारी।
