नासिक TCS मामले में महिला आयोग सख्त; विजया रहाटकर ने दिए SIT को सख्त निर्देश, POSH को लेकर कही बड़ी बात
TCS Nashik Case: नासिक में महिला सुरक्षा पर बड़ी कार्रवाई। IT कंपनी उत्पीड़न मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है, जबकि सभी संस्थानों में POSH कानून लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
NCW Action In Nashik TCS Case: नासिक जिले में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से सख्त कदम उठाए हैं। जहां एक ओर बहुराष्ट्रीय IT कंपनी में हुए महिला उत्पीड़न मामले की जांच रिपोर्ट तैयार है, वहीं दूसरी ओर जिले के सभी संस्थानों में ‘पॉश’ (POSH) कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
IT कंपनी उत्पीड़न मामले में जांच अंतिम चरण में
यह जानकारी राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बुधवार (6 तारीख) को नाशिक में दी. नाशिक दौरे के दौरान विजया रहाटकर ने पुलिस आयुक्तालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक सहित दोनों विशेष जांच दल (एसआईटी) के अधिकारी उपस्थित थे. इस दौरान बहुराष्ट्रीय कंपनी में हुए यौन उत्पीड़न और अशोक खरात अत्याचार मामले की जांच की समीक्षा की गई. उन्होंने जांच अधिकारियों को पीड़ितों के बयान, साक्ष्य संग्रह और तकनीकी पहलुओं पर अधिक गहन जांच करने के निर्देश दिए.
हर संस्थान में ‘आंतरिक समिति’ का गठन अनिवार्य
कार्यस्थलों पर सुरक्षित वातावरण बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग ने नई नियमावली जारी की है। विभाग के आयुक्त जगदीश मिनियार के अनुसार, हर उस सरकारी, निजी या स्वयंसेवी संस्था में जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी हैं, ‘आंतरिक समिति’ का गठन करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन समितियों का विवरण केंद्र सरकार के एसएचइ बॉक्स (SHE-Box) पोर्टल पर दर्ज करना आवश्यक है।
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नियमों की अनदेखी पर लगेगा भारी जुर्माना
नासिक प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी। पॉश अधिनियम की धारा 26 के तहत, पहली बार नियम के उल्लंघन पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि उल्लंघन दोबारा पाया जाता है, तो संबंधित संस्थान का पंजीकरण या लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
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शिकायत के लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा
केंद्र सरकार ने शिकायतों के निवारण के लिए https://shebox.wcd.gov.in पोर्टल उपलब्ध कराया है। पीड़ित महिला अपनी शिकायत सीधे इस पोर्टल पर दर्ज कर सकती है। पोर्टल पर दर्ज जानकारी सीधे संबंधित संस्थान की आंतरिक समिति तक पहुंच जाएगी। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील दुसाने ने सभी संस्थानों से इस कानून का ईमानदारी से पालन करने की अपील की है।
