नासिक म्हाडा जमीन घोटाला: फर्जी नक्शों से मंजूरी का खेल, नायब तहसीलदार गिरफ्तार, SIT जांच तेज

Nashik MHADA Land Scam: नासिक में म्हाडा जमीन घोटाले में नायब तहसीलदार को गिरफ्तार किया गया है। फर्जी नक्शों से मंजूरी देने के आरोप में SIT जांच तेज हो गई है।
Nashik MHADA Land Scam: The Racket of Obtaining Approvals Using Forged Maps; Deputy Tehsildar Arrested, SIT Investigation Intensifies
नासिक जमीन घोटाला,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Property Scam: नासिक पूरे राज्य में चर्चित म्हाडा जमीन धोखाधड़ी मामले में नासिक पुलिस की अपराध शाखा (यूनिट-01) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार नितिन पाटिल को गिरफ्तार किया है। पाटिल पर फर्जी नक्शों के जरिए अवैध रूप से फाइलों को मंजूरी देने का गंभीर आरोप है। रविवार 3 मई को जिला न्यायालय में पेश किए जाने के बाद अदालत ने उसे 6 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

जांच का घेरा और पुलिस की कार्रवाई नासिक पुलिस आयुक्तालय का विशेष जांच दल (एसआईटी) पिछले दो महीनों से इस घोटाले की जांच कर रहा है- सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मिटके और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक डॉ. अंचल मुदगल की टीम ने शनिवार रात पाटिल को हिरासत में लिया था।

इस घोटाले में गिरफ्तार होने वाला पाटिल पहला बड़ा प्रशासनिक अधिकारी है। जांच के घेरे में तलाठी, तहसीलदार और भूमि अभिलेख विभाग के कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल हैं।

धोखाधड़ी का तरीकाः कैसे किया गया घोटाला

नियमों को ताक पर रखकर बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए खास तरीका अपनाया गया। नियमानुसार 4000 वर्ग मीटर से अधिक की गृह परियोजना में 20 प्रतिशत जगह म्हाडा को कियायती घरों के लिए देना अनिवार्य है।

बिल्डरों ने इस नियम से बचने के लिए भूमि के छोटे टुकड़े कर उन्हें 4000 वर्ग मीटर से कम दर्शाया, आरोपी नितिन पाटिल ने तलाठी व अन्य कर्मचारियों पर दबाव बनाकर बिल्डरों के फजी नक्शों को मंजूरी दिलाई। अब तक ऐसे 31 मामलों में फर्जी मंजूरी की बात सामने आई है।

अब तक की प्रमुख गिरफ्तारियां

इस मामले में पुलिस अब तक कई लोगों पर शिकंजा कस चुकी है।

दिनेश उर्फ सोनू मनवानीः गंगापुर क्षेत्र के मामले में 16 मार्च को गिरफ्तारी।

दीपक करमचंदानी (बिल्डर): म्हसरुल क्षेत्र के मामले में 23 अप्रैल को गिरफ्तारी।

इस प्रकरण में भाजपा के एक पूर्व पार्षद को बॉम्बे हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है।

भूमि अभिलेख विभाग के उपअधीक्षक विपिन काजले की शिकायत पर दर्ज इस मामले में पुलिस अब कार्यालयी दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल कर रही है।