नासिक में मानसून की बेरुखी से किसान परेशान, जून आधा बीतने के बाद भी बुआई शून्य फीसदी; कृषि विभाग अलर्ट
Nashik Weather Update: नासिक में जून आधा बीतने के बाद भी मानसून नहीं पहुंचने से बुआई शून्य फीसदी है। कृषि विभाग ने 'अल नीनो' के संकट को देखते हुए किसानों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- Written By: रूपम सिंह
मानसून की बेरुखी से किसान परेशान (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Nashik Monsoon Delay Farmers Crisis: नासिक जिले में मानसून की चाल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जून का आधा महीना बीत जाने के बावजूद मानसून की दस्तक नहीं हुई है, जिससे जिले में बोनी (पेराई) का काम ‘शून्य फीसदी’ पर है। पिछले वर्ष इसी समय तक 14 प्रतिशत बुआई पूरी हो चुकी थी, लेकिन इस साल ‘अल नीनो’के साये में किसान सूखे और भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं।
किसानों के लिए चुनौती और सरकारी सलाह
बागलाण, सुरगाणा, इगतपुरी और पेठ जैसी तहसीलों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है, जहां बारिश का आंकड़ा 5 प्रतिशत से भी नीचे है। इन विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए जिला कृषि विभाग ने किसानों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं किसानों को मौसम
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15 दिनों में 88 प्रतिशत बारिश की आवश्यकता
नासिक जिला कृषि विभाग के अनुसार, जून महीने में औसतन 93 मिमी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन अब तक केवल 11,7 मिमी औसत बारिश ही हो पाई है। यानी जून के औसत लक्ष्य को पूरा करने के लिए अगले 15 दिनों में लगभग 88 प्रतिशत बारिश की आवश्यकता है
| तहसील | दर्ज बारिश (मिमी में) |
|---|---|
| नांदगांव | 34.9 |
| दिडोरी | 27.3 |
| सिन्नर | 26.5 |
| नासिक | 21.6 |
| कलवण | 20.3 |
| मालेगाव | 17.7 |
| चांदवड | 17.6 |
| निफाड | 8.6 |
| त्र्यंबकेश्वर | 7.9 |
| येवला | 6.9 |
| देवला | 5.4 |
| पेठ | 4.0 |
| इगतपुरी | 3.1 |
| सुरगाणा | 2.1 |
| बागलाण | 1.7 |
आधारित और टिकाऊ फसल प्रणाली अपनाने की सलाह दी गई है। सरकार ने पहले से ही जल प्रबंधन शुरू कर दिया है ताकि आने वाले महीनों में पानी की समस्या कम हो। आसमान की ओर नजरें गड़ाए बैठे अन्नदाताओं के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो खरीफ सीजन की बुआई पर गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल, कृषि विभाग स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है।
