Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

येवला में हो रही पांच दिन पर जलापूर्ति, अल नीनो तूफान के मद्देनजर नगरपालिका ने लिया जल कटौती का निर्णय

  • Written By: प्रभाकर दुबे
Updated On: May 01, 2023 | 05:12 PM

file pic

Follow Us
Close
Follow Us:

येवला: येवला (Yeola) के लोगों को पांच दिन में एक बार जलापूर्ति (Water Supply) की जा रही है। बताया जा रहा है कि जलाशयों में भंडारण कम होने के कारण नगरपालिका ने पांच दिन बाद जलापूर्ति करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में भंडारण टैंक में 1.75 मीटर की ऊंचाई तक पानी है। अल नीनो के प्रभाव के कारण इस वर्ष मानसून देरी से आएगा, इसलिए नगरपालिका ने एहतियातन कम जलापूर्ति करने का निर्णय लिया है। नागरिकों को 15 जून तक शहर में पानी की आपूर्ति हो सके, इसलिए अभी से पानी कटौती (Water Cut) करने का निर्णय नगरपालिका प्रशासन ने लिया है।

मुख्याधिकारी नागेंद्र मुतकेकर ने लोगों से अपील की है कि वे पानी का उपयोग बहुत ही सोच समझ कर करें। येवला शहर के लिए लाखों रुपए की योजनाएं लागू की गईं, लेकिन पानी की कमी को दूर करने के लिए कुछ नहीं किया गया। कई वर्ष बीत गए, लेकिन नगरपालिका दो दिन बाद भी जलापूर्ति नहीं कर पा रही है। 24 घंटे जलापूर्ति करना तो बहुत दूर की बात है। शुद्ध जलापूर्ति में से ‘शुद्ध’ शब्द भी नगर निगम के शब्दकोश से हटा दिया गया है। अब समय आ गया है कि नागरिक कहें कि हर दिन जलापूर्ति की जाए।

रोजाना जलापूर्ति न होने के लिए पुरानी जल वितरण प्रणाली जिम्मेदार 

2004 में जब पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल ने तहसील की कमान संभाली थी, तब उम्मीद की गई थी कि कम से कम हर दिन साफ पानी उपलब्ध होगा। सिंचाई विभाग पालखेड लेफ्ट कैनाल डायवर्सन ने येवला शहर के भंडारण टैंक को पूरी क्षमता से भर दिया है, लेकिन नगरपालिका शहरवासियों को प्रतिदिन पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रही है। नगरपालिका हर 5 दिन में शहर में पानी देने की अपील की है। स्थानीय नागरिक भी इस अपील को विनम्रता से स्वीकार करते हैं, लेकिन क्या नगरपालिका इस बात की तह तक जाएगी कि आखिर ऐसी स्थिति हमेशा के लिए क्यों बनी हुई है? तालाबों में पानी की अधिकता के बावजूद कोई उपयोग नहीं हो रहा हैं। शहरवासियों को रोजाना जलापूर्ति न होने के लिए पुरानी जल वितरण प्रणाली जिम्मेदार है। दैनिक जलापूर्ति तभी संभव है, जब शहर में समानांतर पाइपलाइन बिछाई जाए।  

सम्बंधित ख़बरें

ग्रामीण स्कूलों में तकनीक का बढ़ावा, येवला में 14 स्कूलों को आधुनिक पोडियम सेट; विधायक तांबे की पहल

पूर्व सरपंच ने उठाया मुद्दा, मुख्यालय में नहीं रहते, फिर भी ले रहे किराया भत्ता: ग्रामसेवकों पर आरोप

येवला में विकास कार्यों का लोकार्पण, मानसून से पहले नहर पर आठ नए गेट लगाने का काम पूरा होगा

नासिक: येवला औद्योगिक सहकारी वसाहत संस्था में भ्रष्टाचार, संचालक मंडल को किया गया बर्खास्त

येवला शहर को प्रतिदिन औसतन 50 लाख लीटर पानी की आवश्यकता

नगरपालिका और शासक समय-समय पर तालाब से पानी की चोरी नहीं रोक पाए हैं। भंडारण टैंक से सटे कुंओं से पानी की अवैध निकासी और अत्यधिक बोझ वाली जल वितरण प्रणाली येवला के लोगों की प्यास को लगातार बढ़ा रही है। येवला शहर को प्रतिदिन औसतन 50 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है। इस गणना के अनुसार, यदि भंडारण तालाब को उसकी पूर्ण क्षमता तक भर दिया जाए और जल रिसाव और वाष्पीकरण को ध्यान में रखते हुए भी 55 से 60 दिनों तक वह जलापूर्ति का सकता है। अब केवल 1.75 मीटर जल भण्डारण शेष रह गया है।

कुएं से कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद करें

विद्युत विभाग के अधिकारियों  कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पानी की कमी की अवधि में भंडारण टंकी के नीचे बने कुएं से कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाए। यदि पानी की अवैध निकासी बंद कर दी जाए तो कम से कम रहिवासियों को पानी की भारी किल्लत महसूस नहीं होगी। आस-पास के क्षेत्र में पानी की निकासी व बर्बादी को रोकने के लिए नगरपालिका प्रशासन को ठोस कार्रवाई करनी होगी। शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारण तालाबों के पास बिजली आपूर्ति बाधित होने का दिखावा नहीं होना चाहिए। इसका ठोस उपाय करना बहुत जरूरी है। 

पानी चोरी को रोकना बहुत जरूरी

भंडारण तालाबों से सटे कुंओं से हो रही पानी चोरी को रोकना बहुत जरूरी है। मुफ्त या सरकारी जलापूर्ति के नाम पर पानी का कारोबार नहीं होना चाहिए। पानी की बेहिसाब अवैध निकासी के कारण पानी की किल्लत हुई है। अगर सही नियोजन किया जाए तो पानी की किल्लत नहीं महसूस होगी। औसतन चार से पांच दिन में पानी की आपूर्ति का मतलब है कि नगरपालिका साल में 365 दिनों में से 75 से 90 दिन ही पानी की आपूर्ति करती है और पूरे वर्ष का शुल्क वसूलती है।

[blockquote content=”जलाशय में केवल 1.75 मीटर पानी बचा है। नगरपालिका ने अब शहर में हर पांच दिन में पानी देने का निर्णय लिया है। शहर को प्रतिदिन पीने के लिए 50 लाख लीटर पानी की जरूरत है। 15 जून तक पानी का सावधानी से उपयोग करना होगा। शहर में नल के बाद पानी बर्बाद न हो, इसके लिए नागरिकों को जागरूक करना भी जरूरी है।” pic=”” name=” -नागेंद्र मुतकेकर, मुख्याधिकारी, नगरपालिका”]

[blockquote content=”भंडारण टैंक से सटे लगभग 200 कुंओं से बड़ी मात्रा में पानी निकाला जा रहा है। पानी की कमी का मुख्य कारण अवैध कुएं हैं। इस मुद्दे पर सभी शहरवासियों को एक साथ आकर आवाज बुलंद करनी चाहिए।” pic=”” name=” -अमोल गायकवाड़, निवासी, येवला”]

Water supply in yeola for five days in view of the el nino storm the municipality decided to water cut

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: May 01, 2023 | 05:12 PM

Topics:  

  • Yeola

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.