नाशिक में घटने लगा जलाशयों का जलस्तर, विभिन्न बांधों में जल भंडार का इतना प्रतिशत
- Written By: दिपक.पांडे
दिंडोरी : गर्मी के मौसम (Summer Season) बढ़ती जल की मांग के कारण दिंडोरी तहसील (Dindori Tehsil) के बांधों (Dams) का जलस्तर (Water Level) लगातार कम होता जा रहा है। अप्रैल माह (April Month) में पड़ रही प्रचंड गर्मी के कारण जल की बढ़ती मांग ने इस बात को चिंता बढ़ा दी है कि अब अभी से जल की किल्लत महसूस की जा रही है तो आने वाले दिनों में जल की मांग कितनी बढ़ जाएगी।
दिंडोरी तहसील के विभिन्न बांधों में जल भंडार की बात करें तो पालखेड बांध में सबसे ज्यादा 64 प्रतिशत जल उपलब्ध है, जबकि ओजारखेड़ बांध में 57 प्रतिशत जल है। इसके अलावा तीसगांव बांध में 48, करंजवन बांध में 36, पुणे गांव बांध में 35 और वाघाड बांध में 24 प्रतिशत पानी शेष बचा है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जाएगी, जल की आवश्यकता भी बढ़ती चली जाएगी।
पालखेड़ येवला, निफाड और मनमाड तहसील में सबसे बड़ा जलाशय है, इस जलाशय के पानी पर येवला, निफाड और मनमाड के किसान निर्भर है। इन किसानों की इसी जलाशय के पानी से होती है। करंजवन जलाशय में इस वर्ष लबालब पानी भरा हुआ था, पिछले वर्ष अच्छी वर्षा होने की वजह से करंजवन बांध में 100 फीसदी जल भंडारण हुआ था, लेकिन इस बांध के पानी का लगातार उपयोग करने और कुछ हद तक पानी का दुरुपयोग किए जाने की वजह से इस बांध में वर्तमान में सिर्फ 36 प्रतिशत पानी ही शेष बचा है। हर वर्ष गर्मी के मौसम में करंजवन बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाता है और पालखेड बांध में एकत्रित किया जाता है।
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[blockquote content=”नाशिक जिले के पालक मंत्री छगन भुजबल और विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल से आग्रह है कि इस बात का ध्यान रखें कि बांध से एक माह के अंतराल पर पानी छोड़ा जाए ताकि स्थानीय लोगों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े। ” pic=”” name=”-जयदीप देशमुख, करंजवन”]
