नासिक के बांध भरे, फिर भी बूंद-बूंद को तरसे लोग; जगदीश पवार बोले- नहीं सुधरे हालात तो हंडा आंदोलन

Nashik Water Crisis: नासिक के कई वार्डों में बांधों में पानी होने के बावजूद कृत्रिम जल संकट गहरा गया है। पूर्व पार्षद जगदीश पवार ने दो दिन में जलापूर्ति ठीक न होने पर हंडा आंदोलन की चेतावनी दी है।
Despite full dams, political leader Jagdish Pawar slammed Nashik Corporation over severe water scarcity in multiple wards, threatening a 'Handa Andolan' within 2 days.
नासिक के बांधों , जगदीश पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Municipal Corporation Water Crisis: नासिक के बांधों में प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध होने के बावजूद, मनपा के तकनीकी नियोजन की कमी के कारण वार्ड नंबर 31 और 22 के नागरिकों को 'एक घड़ा पानी के लिए भटकने' पर मजबूर होना पड़ रहा है। पिंपलगांव खांब सहित आसपास के सात-आठ गांवों में पैदा की गई इस कृत्रिम पानी की किल्लत के खिलाफ पूर्व पार्षद जगदीश

शंकर पवार ने प्रशासन से जवाब मांगते हुए तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। पिछले एक महीने से पिंपलगांव खांब, वडनेर गेट, गणेश नगर, जय भवानी नगर, जाधववाडी, चिंचवाड़ी, एकता नगर और पाथर्डी जैसे क्षेत्रों में जलापूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है।

टैंकर से पानी लेने घंटों लाइन में लग रहीं महिलाएं

अप्रैल और मई महीने की इस भीषण गर्मी में नागरिकों का गला सूखा जा रहा है, और महिलाओं को पानी के लिए देर रात तक यहां-वहां भटकना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर विभागीय अधिकारी नानाजी सालवे को ज्ञापन सौंपा गया है। पूर्व पार्षद जगदीश पवार ने प्रशासनिक कामकाज पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस भूमि पर कुंभ मेला लगता है, वहां की जनता को प्यासे रहने की नौबत आ रही है, यह प्रशासन की बहुत बड़ी विफलता है।

नागरिकों द्वारा जल आपूर्ति विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और वाल्व मैन से बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें केवल टालमटोल वाले जवाब मिल रहे हैं। एक तरफ शहर में चल रही खुदाई के कारण पानी की पाइप लाइन टूट रही है और लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, तो दूसरी तरफ नागरिकों को टैंकर के पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

आंदोलन की चेतावनी

प्रशासन के इस 'संवेदनहीन' रवैये के कारण स्थानीय नागरिकों में भारी असंतोष व्याप्त है। विभागीय अधिकारी नानाजी सालवे को सौंपे गए ज्ञापन में अपनी मांगे रखी गई है, जिसमे प्रभावित गांवों में जलापूर्ति तत्काल और पूरे प्रेशर के साथ बहाल की जाए, जब तक नलों में पानी नहीं आता, तब तक नगर निगम अपने खर्च पर पर्याप्त पानी के टैंकर उपलब्ध कराए, कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले और नागरिकों को अभद्र जवाब देने वाले कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए आदि शामिल है। जगदीश पवार ने चेतावनी देते हुए कहा कि पानी हमारा अधिकार है, कोई भीख नहीं। अगर अगले दो दिनों के भीतर जलापूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो हम मनपा मुख्यालय पर हंडा आंदोलन करेंगे।

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