अशोक खरात केस के 2 महीने पूरे नहीं; महाराष्ट्र में अब तक 35 ढोंगी बाबाओं पर मामला दर्ज, अंनिस ने जताई चिंता

Nashik Ashok Kharat News: महाराष्ट्र में ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले के दो महीने पूरे होने पर अंनिस ने बताया कि राज्य में अब तक 35 बाबाओं पर केस दर्ज हो चुका है, जिनमें विभिन्न धर्मों के लोग शामिल हैं।
Two months after the Ashok Kharat case, 35 fake godmen have been booked across Maharashtra under the Anti-Superstition Act. Activists call for social awareness.
ढोंगी बाबा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nashik Ashok Kharat Fake Godmen Crime News: समाज में धर्म और आस्था का विशेष महत्व होता है, लेकिन कुछ ढोंगी बाबा लोगों की इसी धार्मिक भावना और विश्वास का गलत फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं। ये तथाकथित बाबा चमत्कार, तंत्र-मंत्र और दैवी शक्तियों का दावा कर भोले-भाले लोगों को भ्रमित करते हैं। आज केवल ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि शहरों में भी ऐसे ढोंगी बाबाओं का प्रभाव तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है।

परिवारिक समस्याओं, बीमारी, आर्थिक संकट या मानसिक तनाव से परेशान लोग समाधान की उम्मीद में इनके पास पहुंचते हैं, जिसका ये लोग फायदा उठाते हैं। विशेष रूप से महिलाओं को संतान प्राप्ति, ग्रह दोष, पति-पत्नी विवाद या भूत-प्रेत जैसी बातों से डराकर बहकाया जाता है। कई मामलों में महिलाओं का मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण भी किया जाता है।

समाज में फैलता है अंधविश्वास

कुछ ढोंगी बाबा विशेष पूजा और गुप्त साधना के नाम पर महिलाओं के साथ गलत हरकतें करते हैं। सामाजिक बदनामी और डर के कारण कई पीड़ित महिलाएं शिकायत दर्ज कराने से भी बचती हैं। ऐसे मामलों का समाज पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, जिससे परिवार टूटते हैं और लोगों का विश्वास कमजोर होता है। अंधविश्वास बढ़ने से समाज में वैज्ञानिक सोच और तार्किक दृष्टिकोण भी प्रभावित होता है। ढोंगी बाबाओं की वजह से धर्म की वास्तविक और सकारात्मक छवि को भी नुकसान पहुंचता है। कई लोग अपनी मेहनत की कमाई, गहने और जमीन तक इनके कहने पर गंवा देते हैं। इसलिए समाज में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है।

सही मार्गदर्शन से होता है समस्याओं का समाधान

युवाओं और महिलाओं को शिक्षित और जागरूक बनाकर ही इस समस्या से मुकाबला किया जा सकता है। लोगों को समझना होगा कि जीवन की समस्याओं का समाधान शिक्षा, मेहनत और सही मार्गदर्शन से होता है, न कि अंधविश्वास से सरकार, सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों को मिलकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए अभियान चलाने चाहिए। महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी जानकारी देना भी जरूरी है।

जब समाज जागरूक, शिक्षित और तार्किक बनेगा, तभी ढोंगी बाबाओं के जाल से पूरी तरह मुक्ति मिल सकेगी। राज्य की राजनीतिक और सरकारी व्यवस्था में हलचल मचाने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात के खिलाफ शिकायत दर्ज होने की घटना को रविवार 17 मई को 2 महीने पूरे हो गए। इस प्रकरण के बाद राज्यभर में नासिक ढोंगी बाबाओं के खिलाफ शिकायतों की लहर उठी है और अब तक 35 बाबाओं के खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

ग्रामीण से लेकर शहर तक फैला है बाबाओं का जाल

अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) के राज्य कार्यवाह कृष्णा चांदगुडे ने कहा कि केवल दो महीनों में इतने बड़े पैमाने पर मामले दर्ज होना प्रगतिशील महाराष्ट्र के लिए चिंता और आत्ममंथन का विषय है। उन्होंने बताया कि इन मामलों में सभी धर्मों के तथाकथित बाबाओं के खिलाफ कार्रवाई हुई है।

इससे यह आरोप भी गलत साबित हुआ है कि अंधश्रद्धा निर्मूलन का काम केवल हिंदू धर्म तक सीमित है। इन शिकायतों से यह सामने आया है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं और पुरुषों को ढोंगी बाबाओं द्वारा ठगा गया।

विशेष रूप से महिलाओं के शारीरिक शोषण और आर्थिक ठगी के मामलों की संख्या अधिक पाई गई है। महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के लगातार प्रयासों के बाद राज्य में 'महाराष्ट्र नरबली और अन्य अमानवीय, अनिष्ट एवं अघोरी प्रथा तथा जादूटोना प्रतिबंध एवं उन्मूलन अधिनियम 2013' लागू किया गया था। इसी कानून के तहत इन मामलों में कार्रवाई की जा रही है।

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