जलगांव APMC पर उद्धव गुट का कब्जा, महाविकास आघाड़ी की बड़ी जीत से महायुति को झटका
Jalgaon News: APMC के चुनाव में महाविकास आघाड़ी ने बड़ा धमाका किया। उद्धव ठाकरे गुट की अगुवाई में आघाड़ी ने 18 में से 11 सीटें जीतकर शिंदे गुट को मात दी। इससे पालकमंत्री गुलाबराव पाटिल को भी झटका लगा।
- Written By: सोनाली चावरे
जलगांव APMC (pic credit; social media)
Maharashtra News: जलगांव की सबसे बड़ी कृषि उत्पादन बाजार समिति (APMC) पर आखिरकार महाविकास आघाड़ी का कब्जा हो गया है। शुक्रवार को संपन्न हुए चुनाव में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) ने अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया, जबकि उपाध्यक्ष पद पर राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट) के खाते में गया।
दरअसल, एक साल की अवधि पूरी होने के बावजूद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया था। इसको लेकर 14 निदेशकों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया। दबाव बढ़ने पर अध्यक्ष श्यामकांत सोनवणे ने चुनाव से दो दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया। उपाध्यक्ष पहले ही पद छोड़ चुके थे। इस पृष्ठभूमि में शुक्रवार को नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव हुए।
सभापति पद के लिए उद्धव गुट से सुनील महाजन, मनोज चौधरी और लक्ष्मण पाटिल ने नामांकन दाखिल किया था। अंततः उद्धव गुट ने यह पद जीतकर अपने वर्चस्व का ऐलान कर दिया। वहीं उपसभापति पद के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत गुट) के गोकुल चव्हाण का नामांकन बिना विरोध के स्वीकार कर लिया गया।
सम्बंधित ख़बरें
Maharashtra MLC Election: महायुति का प्रचंड क्लीन स्वीप! 12 में से 9 सीटों पर भाजपा की बढ़त, बैकफुट पर विपक्ष
गडचिरोली में 6 लोह अयस्क खदानों की मांग, भारत को स्टील निर्यातक बनाने का लक्ष्य
मालवणी में ‘स्कूल जिहाद’ पर बवाल! किरीट सोमैया ने लगाए गंभीर आरोप, 14 स्कूलों के नाम आए सामने; FIR दर्ज
मुंबई में CM फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक, इचलकरंजी की स्थायी जलापूर्ति पर जल्द होगा निर्णय
इससे पहले हुए पंचवार्षिक चुनाव में पालकमंत्री गुलाबराव पाटिल के नेतृत्व में शिवसेना (शिंदे गुट) और राकांपा नेता व पूर्व मंत्री गुलाबराव देवकर के नेतृत्व में महाविकास आघाड़ी के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। उस चुनाव में महाविकास आघाड़ी ने 18 में से 11 सीटें जीतकर शिंदे गुट को कड़ी टक्कर दी थी। यह नतीजा पालकमंत्री गुलाबराव पाटिल के लिए व्यक्तिगत तौर पर बड़ा झटका माना गया था।
अब एक बार फिर महाविकास आघाड़ी ने जलगांव एपीएमसी पर कब्जा जमाकर महायुति खेमे को गहरी चोट दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजा सिर्फ स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य में शिवसेना (उद्धव गुट) और शिंदे गुट की ताकत की नई तस्वीर भी पेश करेगा।
