त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर को सिंहस्थ ध्वजारोहण, कुंभ मेला आयुक्त शेखर सिंह ने तैयारियों का लिया जायजा

Trimbakeshwar Simhastha Dhwajarohan: त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर को सिंहस्थ ध्वजारोहण समारोह प्रस्तावित है। कुंभ मेला आयुक्त ने तैयारियों का निरीक्षण कर विकास कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
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कुंभ मेला आयुक्त शेखर सिंह(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Trimbakeshwar Kumbh Mela: आगामी 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाले सिंहस्थ ध्वजारोहण समारोह की पृष्ठभूमि में कुंभ मेला आयुक्त शेखर सिंह ने सोमवार को त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र का निरीक्षण किया। समारोह में राष्ट्रपति महोदया के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है।

आयोजन के लिए स्थल पर ध्वजारोहण स्टैंड का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। कुंभ मेला आयुक्त ने राज्य पुरातत्व विभाग के प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश दिए कि गोदावरी कुशावर्त तीर्थ एवं आसपास के परिसर में जारी सभी विकास कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

बैठने की व्यवस्था को लेकर चर्चा

निरीक्षण के दौरान मुख्य मंच, विशिष्ट अतिथियों तथा साधु-संतों के बैठने की व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष सौ. त्रिवेणी तुंगार, नगरसेवक, त्र्यंबकेश्वर मंदिर संस्थान के ट्रस्टी शुक्ल, पुरोहित संघ के मनोज थेटे, त्र्यंबकेश्वर नगरपालिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोविंद जाधव तथा पुलिस निरीक्षक मयूर चौधरी उपस्थित रहे।

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राष्ट्रपति के आगमन की संभावना के बीच दिए सख्त निर्देश

आयुक्त ने त्र्यंबकेश्वर मंदिर से मुख्य मार्ग होते हुए कुशावर्त तीर्थ तक पैदल चलकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंदिर परिसर में पुरानी पत्थर की चौकियों/फर्शियों को बदलने और कुशावर्त तीर्थ के पास जीर्णोद्धार का काम जारी है। यह कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा कराया जा रहा है। स्थानीय प्रतिनिधियों ने मांग की कि नए निर्माण के दौरान ऐतिहासिक एवं प्राचीन धरोहरों का मूल स्वरूप सुरक्षित रखा जाए।

कुशावर्त तीर्थ पर फोकस

उल्लेखनीय है कि कुंभ मेले के लिए क्षेत्र में 15000 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। इस दौरान मोहन देवरे ने प्रशासनिक तंत्र का ध्यान आकर्षित करते हुए मांग की कि श्रद्धालुओं को अमृत स्नान, नागा साधुओं और अखाड़ों के प्रवर्तक देवताओं के जुलूस (शाही सवारी) को सुगमता से देखने के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की जाए।

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त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ ध्वजारोहण(सोर्सः सोशल मीडिया)
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