त्र्यंबकेश्वर मंदिर VIP दर्शन घोटाला: ट्रस्टी सहित चार जेल में, बैंक खातों से 600 से अधिक लेन-देन

Trimbakeshwar Temple Scam: त्र्यंबकेश्वर मंदिर में वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली के मामले में ट्रस्टी सहित चार आरोपियों को जेल भेजा गया, जबकि पुलिस ने मुख्य मध्यस्थ को गिरफ्तार किया।
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Trimbakeshwar Temple (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
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Nashik VIP Darshan Fraud: त्र्यंबकेश्वर मंदिर में वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से की जा रही अवैध वसूली मामले में संदिग्ध ट्रस्टी पुरुषोत्तम कडलक समेत 4 आरोपियों को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसके बाद सभी को नाशिकरोड सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया है। इसी मामले में पुलिस ने एक और मुख्य मध्यस्थ वसंत उर्फ नारायण कचरू मुर्तडक (26) को गिरफ्तार किया है, जिसे अदालत ने 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा है।

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मुर्तडक के माध्यम से ट्रस्टी कडलक को प्रतिदिन 25 हजार रुपये से अधिक का कलेक्शन मिलता था। इस मामले में पंचवटी निवासी आनंदा सुरेश मेहेंदले (46) ने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने गोटीराम मनाजी पेहरे, अभिषेक कडलक, ओम कडलक और पुरुषोत्तम मधुकर कडलक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शुक्रवार 24 अप्रैल को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एस। वी। लाड की अदालत में सुनवाई हुई, जहां पुलिस निरीक्षक महेश कुलकर्णी ने जांच के महत्वपूर्ण बिंदु रखे।

15 मिनट में दर्शन कराने का लालच

पुलिस जांच के अनुसार, मंदिर की दर्शन कतार में खड़े श्रद्धालुओं से बिचौलिये संपर्क करते थे और जल्द दर्शन कराने के लिए पैसे तय करते थे। इसके बाद ये मध्यस्थ पुरुषोत्तम कडलक और अन्य आरोपियों से संपर्क कर श्रद्धालुओं को मंदिर के भीतर भेजते थे। गिरफ्तार मुर्तडक इस गिरोह का मुख्य मध्यस्थ था। उसके सात अन्य साथी देशभर से आने वाले भक्तों को मात्र 15 मिनट में दर्शन कराने का लालच देकर प्रति व्यक्ति 3 हजार से 12 हजार रुपये तक वसूलते थे।

वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड

जांच में यह भी पाया गया कि मुर्तडक के बैंक खाते से कडलक और अन्य संदिग्धों के खातों में 600 से अधिक बार पैसे ट्रांसफर किए गए। इन वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड पुलिस ने अदालत में पेश किए हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक निदेशक किरण बेंडभर और सहायक अभियोक्ता सायली गोखले ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से वकील राहुल कासलीवाल ने दलीलें दीं। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

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