त्र्यंबकेश्वर मंदिर में ‘VIP दर्शन’ का बड़ा स्कैम: शरद पवार गुट का नेता गिरफ्तार, दर्शन के नाम पर जबरन वसूली!
Trimbakeshwar Temple Scam: वीआईपी दर्शन के नाम पर वसूली। मंदिर ट्रस्टी पुरुषोत्तम कडलैग गिरफ्तार। 3000 रुपये लेकर 10 मिनट में दर्शन कराने का रैकेट।
- Written By: अनिल सिंह
Trimbakeshwar Temple Trustee Arrested (फोटो क्रेडिट-X)
Trimbakeshwar Temple Trustee Arrested: विश्व प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में ‘वीआईपी दर्शन’ के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। नासिक ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर संस्थान के न्यासी (Trustee) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार समूह) के राज्य युवा अध्यक्ष पुरुषोत्तम कडलैग को सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी ने न केवल मंदिर प्रशासन बल्कि महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मचा दी है।
यह कार्रवाई नासिक ग्रामीण पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल के नेतृत्व में चलाए गए एक गुप्त ऑपरेशन के बाद की गई है।
3000 रुपये में 10 मिनट में दर्शन का खेल
मामले का खुलासा तब हुआ जब 11 अप्रैल को पंचवटी के श्रद्धालु अनंत मेहांदले ने शिकायत दर्ज कराई। मंदिर में ‘शुल्क दर्शन’ की कोई आधिकारिक व्यवस्था न होने के बावजूद, एजेंटों ने मेहांदले से संपर्क किया। उन्हें डराया गया कि सामान्य कतार में 4-5 घंटे लगेंगे, लेकिन यदि वे 3,000 रुपये नकद दें, तो उन्हें मात्र 10 मिनट में दर्शन करा दिए जाएंगे। पुलिस ने इस पूरी धोखाधड़ी को रिकॉर्ड किया और पाया कि श्रद्धालुओं को आधिकारिक 200 रुपये के पास पर अंदर ले जाकर मोटी रकम वसूली जा रही थी।
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ट्रस्टी और उनके रिश्तेदारों की संलिप्तता
जांच में सामने आया है कि इस भ्रष्टाचार की जड़ें त्र्यंबकेश्वर मंदिर ट्रस्ट के भीतर ही थीं। पुलिस ने पहले पुरुषोत्तम कडलैग के भतीजे अभिषेक कडलैग और एजेंट गोतिराम पेहरे के खिलाफ मामला दर्ज किया था। गोतिराम की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पता चला कि ट्रस्टी पद का दुरुपयोग कर श्रद्धालुओं को पूर्वी द्वार से प्रवेश दिलाया जा रहा था। बिना किसी ट्रस्टी की अनुमति के सुरक्षा गार्ड किसी को सीधे प्रवेश नहीं देते, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पुरुषोत्तम कडलैग स्वयं इस रैकेट को संरक्षण दे रहे थे।
पुलिस अधीक्षक का ‘सीक्रेट मिशन’
नासिक ग्रामीण एसपी बालासाहेब पाटिल के अनुसार, “हमे सूचना मिली थी कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से 3,000 से लेकर 12,000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। हमने एक डमी श्रद्धालु भेजकर इस पूरी घटना को रिकॉर्ड किया।” उन्होंने बताया कि मंदिर समिति के अध्यक्ष और न्यायाधीश के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। वर्तमान में ट्रस्टी के दो रिश्तेदार और एक एजेंट पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि अभिषेक कडलैग फरार है। पुलिस अब अन्य न्यासियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
