Simhastha Kumbh Mela 2026: त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर से हटेंगी दुकानें, दर्शन पथ के लिए ट्रस्ट का कड़ा रुख
Simhastha Kumbh Mela: त्र्यंबकेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने कुंभ मेले के मद्देनजर मंदिर सुरक्षा दीवार से सटी 25 दुकानों को हटाने का नोटिस जारी किया है। दर्शन पथ को सुगम बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
- Written By: गोरक्ष पोफली
त्र्यंबकेश्वर मंदिर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Simhastha Kumbh Mela News: आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के भव्य आयोजन को देखते हुए नासिक और त्र्यंबकेश्वर में बुनियादी ढांचे के विकास ने गति पकड़ ली है। इसी क्रम में, विश्व प्रसिद्ध श्री त्र्यंबकेश्वर देवस्थान ट्रस्ट ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए मंदिर की सुरक्षा दीवार (कोट) से सटकर व्यवसाय करने वाले दुकानदारों को दुकानें खाली करने का आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है।
दर्शन पथ योजना का कार्यान्वयन
कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में एक सुव्यवस्थित ‘दर्शन पथ’ (कतार मार्ग) का निर्माण किया जाना है। महाराष्ट्र राज्य बुनियादी ढांचा विकास निगम के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मंदिर की ऐतिहासिक पत्थर की दीवारों से सटी दुकानें इस परियोजना में बाधा बन रही हैं। नासिक जिलाधिकारी के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक और देवस्थान ट्रस्ट की विशेष सभा के बाद इन दुकानों को हटाने का अंतिम निर्णय लिया गया है।
3 दिन का अल्टीमेटम और सुनवाई
त्र्यंबकेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासन के सख्त रुख को देखते हुए किराएदार दुकानदारों को केवल तीन दिन के भीतर गाले खाली करने का निर्देश दिया है। जिन दुकानदारों को इस निर्णय से आपत्ति है, उन्हें आज (20 तारीख) ट्रस्ट के मुख्य कोठी कार्यालय में अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया है। यहाँ लगभग 20 से 25 ऐसी दुकानें हैं जो लंबे समय से पूजा सामग्री और अन्य वस्तुओं का विक्रय कर रही हैं।
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विवाद का कानूनी पहलू
यह मामला पूरी तरह निर्विवाद नहीं है। जानकारी के अनुसार, यहाँ के कुछ दुकानदारों ने करीब एक वर्ष पहले इस निष्कासन प्रक्रिया के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया था। हालांकि, सिंहस्थ कुंभ के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों के बार-बार हो रहे दौरों और सुरक्षा ऑडिट के बाद अब प्रशासन इस अतिक्रमण को हटाने के लिए दृढ़ संकल्पित नजर आ रहा है।
दुकानें ट्रस्ट की मिल्कियत वाली जमीन पर स्थित हैं।वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण में इन दुकानों को ‘दर्शन पथ’ में बड़ी बाधा माना गया है।कुंभ मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) को प्राथमिकता दी जा रही है। यह कार्यवाही त्र्यंबकेश्वर में आने वाले तीर्थयात्रियों के अनुभव को सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, भले ही स्थानीय व्यापारियों के लिए यह एक बड़ी आर्थिक चुनौती हो।
