Ashok Kharat Case: डिलीट डेटा रिकवर, SIT-ED जांच में बढ़ी मुश्किलें, 500 करोड़ की संपत्ति पर शक
नासिक के चर्चित Ashok Kharat Case में पुलिस ने मोबाइल से डिलीट डेटा रिकवर कर लिया है। आपत्तिजनक चैट्स और वीडियो मिलने से जांच तेज हो गई है और कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
अशोक खरात (सोर्स: साशल मीडिया)
Ashok Kharat Case Deleted Mobile Data Recovered: नासिक के बहुचर्चित ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
पुलिस ने खरात के मोबाइल से डिलीट किया गया डेटा रिकवर कर लिया है, जिसमें कई आपत्तिजनक चैट्स, फोटो और वीडियो मिलने की पुष्टि हुई है।
इस ‘डिजिटल खुलासे’ के कारण न केवल खरात की मुश्किलें बढ़ने वाली है, बल्कि उसके संपर्क में रहे कई सियासतदानों, सफेदपोशों और रसूखदारों की सांसें भी थम गई हैं। मोबाइल से रिकवर किए गए डेटा में उसके ‘डर्टी सीक्रेट्स’ छिपे हैं। इसमें महिलाओं के साथ की गई आपत्तिजनक बातचीत और वीडियो शामिल हैं।
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‘एसआईटी’ को विश्वास है कि इस डेटा के जरिए खरात के काले कारनामों के साथ-साथ उसके व्यापक नेटवर्क और नंबरों का भी कच्चा चिट्ठा सामने आएगा। खरात पर विवाहित महिलाओं और युवतियों को अपने जाल में फंसाकर उनका शारीरिक और आर्थिक शोषण करने के गंभीर आरोप हैं।
Ashok Kharat Case में हुए बड़े खुलासे
इसके अलावा अशोक खरात के कई राजनीतिज्ञों और उद्योगपतियों से अच्छे संबंध भी थे। जांच अधिकारियों को इसमें हवाला और बेनामी संपत्तियों का व्यवहार का संदेह है। आर्थिक अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच कर रही ‘ईडी’ के लिए भी यह डेटा अहम कड़ी साबित हो सकता है। जांच में खरात की संपत्ति का आंकड़ा 500 करोड़ रुपए से ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है।
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अदालत ने बढ़ाई कस्टडी
दूसरी तरफ महिला अत्याचार के पांचवें मामले में एसआईटी ने खरात को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया। सरकारी वकील ने दलील दी कि खरात महिलाओं को नशीला पदार्थ पिलाकर उनके साथ दरिंदगी करता था, जिसके पीछे की बड़ी साजिश और इस्तेमाल किए गए पदार्थों की जांच के लिए कस्टडी जरूरी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अशोक खरात को 23 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
