Trimbakeshwar Temple Scam: SIT ने उजागर किया करोड़ों का भ्रष्टाचार, आरोपियों की हिरासत बढ़ी
Trimbakeshwar Temple Scam: त्र्यंबकेश्वर मंदिर में वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से वसूली करने वाले गिरोह पर SIT का शिकंजा। करोड़ों का संदिग्ध लेन-देन और CDR रिपोर्ट से बड़ा खुलासा।
- Written By: गोरक्ष पोफली
त्र्यंबकेश्वर मंदिर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Trimbakeshwar Temple Scam News: विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर की पवित्रता को दागदार करने वाले भ्रष्टाचार मामले में विशेष जांच दल (SIT) को एक के बाद एक बड़ी सफलताएं मिल रही हैं। मंदिर के विश्वस्त पुरुषोत्तम कडलग और उनके सहयोगियों द्वारा फैलाए गए इस मकड़जाल की परतें अब खुलने लगी हैं। मंगलवार, 21 अप्रैल को संदिग्ध आरोपी ओम और अभिषेक कडलग को न्यायाधीश लाड की अदालत में पेश किया गया। जांच अधिकारियों की दलीलों और अब तक मिले सबूतों की गंभीरता को देखते हुए, अदालत ने दोनों की पुलिस कस्टडी शुक्रवार, 24 मई तक बढ़ा दी है।
CDR और बैंक ट्रांजैक्शन
पुलिस की जांच अब केवल बयानों तक सीमित नहीं है। एसआईटी के हाथ आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) लगी है, जो पुरुषोत्तम कडलग और उनके भतीजों के बीच हुए अवैध तालमेल को पुख्ता करती है। यह रिपोर्ट साबित करती है कि किस तरह योजनाबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं को ठगा जा रहा था। इसके अलावा, मुख्य आरोपी के बैंक खातों ने जांच टीम के होश उड़ा दिए हैं। खातों में करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है, जो सीधे तौर पर वीआईपी दर्शन के नाम पर की गई वसूली से जुड़ा होने का संदेह है।
10 हजार में बिकता था प्रवेश!
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह विशेष रूप से छुट्टियों और त्योहारों के दौरान सक्रिय होता था, जब मंदिर में भारी भीड़ होती थी। साधारण श्रद्धालुओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे 3,000 से 10,000 रुपये तक वसूले जाते थे। मोटी रकम देने वालों को कतार में लगने के बजाय सीधे ‘उत्तर द्वार’ से मंदिर के गर्भगृह की ओर प्रवेश दिलाया जाता था। पुलिस ने एक रजिस्टर जब्त किया है, जिसमें श्रद्धालुओं की प्रविष्टियां हैं। इनमें से 45 प्रविष्टियां अत्यंत संदेहास्पद हैं, जो इस संगठित लूट का कच्चा चिट्ठा खोल रही हैं।
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आमना-सामना और आगामी कार्यवाही
सरकारी वकील सायली गोखले ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे कई कड़ियों को जोड़ना बाकी है। अब शुक्रवार को पुरुषोत्तम कडलग, एजेंट गोटीराम पेहरे और दोनों भतीजों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस को अंदेशा है कि इस घोटाले की जड़ें और भी गहरी हो सकती हैं और इसमें मंदिर प्रशासन के कुछ अन्य कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं।
त्र्यंबकेश्वर जैसी पावन नगरी में हुआ यह घोटाला न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उन लाखों श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ विश्वासघात है जो दूर-दराज से दर्शन की अभिलाषा लेकर आते हैं। अब सभी की निगाहें शुक्रवार की सुनवाई और SIT की अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं।
