जायकवाड़ी में थमा पानी, शहर की प्यास पर संकट! क्या फेल हो जाएगी 50 MLD अतिरिक्त पानी की योजना?
Jayakwadi Water Level Depletion: जायकवाड़ी बांध में घटता जलस्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जानिए क्यों शहर को 50 एमएलडी अतिरिक्त पानी देने की महत्वकांक्षी योजना पर संकट मंडरा रहा है।
- Written By: गोरक्ष पोफली
जायकवाड़ी बांध में घटता जलस्तर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Jayakwadi Dam Water Level Drop: छत्रपति संभाजीनगर जिले के जायकवाड़ी बांध में लगातार घट रहे जलस्तर ने शहर की नई जलापूर्ति योजना के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। जलस्तर कम होने से सायफन प्रणाली के माध्यम से पानी उठाने में तकनीकी बाधाएं उत्पन्न हो गई हैं। पिछले दो दिनों से जलशुद्धीकरण केंद्र तक पानी पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में 12 जून से शहर को अतिरिक्त 50 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने की योजना प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
केंद्र सरकार की अमृत-2 योजना के तहत 2,740 करोड़ रुपये की लागत से नई जलापूर्ति योजना का कार्य किया जा रहा है। योजना के प्रथम चरण में 200 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए बांध से पानी उठाकर जलशुद्धीकरण केंद्र तक पहुंचाया जा रहा है। लेकिन जलस्तर घटने से पूरी व्यवस्था प्रभावित होने लगी है।
जलस्तर घटने से सायफन प्रणाली हुई प्रभावित
बांध से पानी उठाने के लिए सायफन पाइप लगाए गए हैं। जलस्तर कम होने के कारण पाइपलाइन में हवा प्रवेश कर रही है और बुलबुले बनने से पंपों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। इसके चलते पानी उठाने की प्रक्रिया बाधित हो गई है और जलशुद्धीकरण केंद्र तक पानी पहुंचना बंद हो गया है।
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फिलहाल 20 से 25 एमएलडी पानी ही हो रहा है प्राप्त
सूत्रों के अनुसार वर्तमान में नई योजना के माध्यम से प्रतिदिन केवल 20 से 25 एमएलडी पानी ही प्राप्त हो रहा है। तकनीकी समस्याओं के कारण क्षमता के अनुरूप पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे आगामी दिनों में जलापूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की संभावना है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए संबंधित एजेंसी ने सायफन पाइपों की लंबाई बढ़ाने का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि कार्य शीघ्र पूरा कर पानी उठाने की प्रक्रिया सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थायी समाधान के लिए फ्लोटिंग पंप पर विचार
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जायकवाड़ी बांध के जलस्तर में लगातार गिरावट जारी रही तो केवल पाइपलाइन बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। इसी कारण बांध में फ्लोटिंग पंप स्थापित करने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। इसके माध्यम से भविष्य में जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक स्थिर और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
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12 जून से अतिरिक्त जलापूर्ति शुरू करने का दावा
अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी चुनौतियों के बावजूद 12 जून से शहर को अतिरिक्त 50 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने के लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
