

Trimbakeshwar Jyotirlinga: पवित्र सावन माह के दूसरे सोमवार को त्र्यंबकेश्वर नगरी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए सुबह से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयघोष से पूरा त्र्यंबकेश्वर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। सुबह भगवान त्र्यंबकेश्वर की विशेष महापूजा और अभिषेक के बाद मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई।
सावन सोमवार के धार्मिक महत्व को देखते हुए ब्रह्मगिरि पर्वत की परिक्रमा के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पानी, फराल, महाप्रसाद और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। सेवाभावी कार्यकर्ता भी श्रद्धालुओं की मदद करते नजर आए। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था का विशेष नियोजन किया था।
सोमवार को केवल धर्मदर्शन की कतार शुरू रखी गई थी। सावन के प्रत्येक सोमवार को श्री त्र्यंबकेश्वर देवस्थान ट्रस्ट की ओर से 200 रुपये का दान-दर्शन टिकट तथा 2500 रुपये का अतितात्कालिक दर्शन टिकट बंद रखा जाता है। इसके चलते मंदिर के पूर्वी द्वार के पास धर्मदर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। हालांकि शनिवार और रविवार की तुलना में सोमवार को भीड़ कुछ कम रही। सुबह भीड़ का दबाव अधिक था, लेकिन दोपहर बाद श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से कम हो गई।
श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए नासिक ग्रामीण पुलिस की ओर से त्र्यंबकेश्वर में कड़ा बंदोबस्त किया गया था। मंदिर परिसर, प्रमुख चौराहों और यातायात मार्गों पर पुलिस तथा होमगार्ड के जवान तैनात किए गए थे। भीड़ नियंत्रण के साथ ही यातायात व्यवस्था सुचारू रखने पर पुलिस का विशेष ध्यान रहा। ब्रह्मगिरि परिक्रमा मार्ग पर स्वास्थ्य दल भी तैनात किए गए थे, जहां जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं की जांच और तत्काल उपचार की व्यवस्था की गई।
नासिक से त्र्यंबकेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एसटी महामंडल की ओर से अतिरिक्त बसें चलाई गईं। निजी वाहनों को तलेगांव फाटा तक ही प्रवेश दिया गया, जबकि वहां से आगे जाने के लिए एसटी बसों की व्यवस्था की गई थी। इससे मंदिर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिली।
दूसरे सावन सोमवार के अवसर पर त्र्यंबकेश्वर में करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई थी। सुबह से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। इसके बाद भीड़ कम होने से मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर स्थिति सामान्य हो गई। प्रशासन, पुलिस, देवस्थान ट्रस्ट और सेवाभावी संस्थाओं के समन्वय से सावन सोमवार का धार्मिक आयोजन उत्साह और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।