त्र्यंबकेश्वर में बनेगा 2 किलोमीटर लंबा घाट, कुंभ मेले के लिए नदी किनारे बड़े विकास की योजना

Trimbakeshwar Ghat Construction: त्र्यंबकेश्वर में आगामी कुंभ मेले के लिए गजानन महाराज मंदिर से प्रयाग तीर्थ तक 2 किलोमीटर लंबा घाट बनाया जाएगा। क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
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त्र्यंबकेश्वर नया घाट(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Kumbh Mela Preparation Nashik: गजानन महाराज मंदिर के सामने स्थित नदी का उपयोग करते हुए प्रयाग तीर्थ तक करीब दो किलोमीटर लंबा घाट बनाने की योजना है। कुंभ मेला प्राधिकरण इस कार्य पर कई करोड़ रुपए खर्च करेगा।

सिंचाई विभाग द्वारा घाट का निर्माण किया जाएगा और कुंभ मेले के खर्च में इसके लिए सबसे बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु यहां स्नान कर सकें। घाट के साथ आसपास जाने वाले मार्गों का भी विकास किया जाएगा। इससे क्षेत्र में आवासीय बस्तियों के विस्तार की संभावना है।

2 किमी घाट निर्माण से बदलेगा पूरे क्षेत्र का स्वरूप

नासिक-त्र्यंबक रोड से करीब आधा किलोमीटर के भीतर श्रद्धालुओं को पहुंचने की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। संभवतः यहां वाहनों के आवागमन के लिए सड़क भी विकसित की जाएगी। घाट स्थायी रूप से उपयोगी होगा या कुंभ मेले के बाद इसका कितना उपयोग होगा, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इससे पूरे क्षेत्र का स्वरूप बदलने की संभावना है। घाट का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। त्र्यंबकेश्वर में वर्तमान में बारिश का मौसम होने से नदी में पर्याप्त पानी दिखाई दे रहा है।

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सिंचाई विभाग को जिम्मेदारी

घाट पर निरंतर जल प्रवाह बनाए रखने के लिए भी प्रशासन द्वारा योजना तैयार की जा रही है। नदी की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य सावधानी और गुणवत्ता के साथ किया जाए, ऐसी अपेक्षा क्षेत्र के जानकारों ने व्यक्त की है। घाट से त्र्यंबकेश्वर के प्राकृतिक पहाड़ों का सुंदर दृश्य भी श्रद्धालुओं को दिखाई देगा।

कुंभ मेले की तैयारियों को गति

कुंभ मेले के बाद इस पानी का उपयोग आसपास के किसानों के लिए होने की संभावना भी जताई जा रही है। लेकिन, कुंभ मेला वर्षा ऋतु में ही होने और उस दौरान नदियों में बाढ़ की स्थिति रहने के कारण नदी का पानी स्वच्छ कैसे रखा जाएगा, इसे लेकर जानकारों ने सवाल उठाए हैं। नदी के किनारे पर्याप्त पानी होने के बावजूद पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

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