त्र्यंबकेश्वर में फिरोती मामले से हलचल, भाजपा–शिंदे गुट के उम्मीदवारों के नाम भी शामिल
Trimbakeshwar: त्र्यंबकेश्वर में फिरोती प्रकरण ने चुनावी हलचल बढ़ाई। ‘पीएल’ टोली व भाजपा–शिंदे गुट के कुछ उम्मीदवारों पर गंभीर आरोप, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Nashik News: नगरपरिषद चुनावों की सरगर्मी अंतिम चरण में है त्र्यंबकेश्वर नगरपरिषद क्षेत्र में उम्मीदवारों और उनके परिजनों पर सातपूर पुलिस स्टेशन में फिरोती का गंभीर मामला दर्ज किया गया है. इस कार्रवाई के बाद सातपूर की कुख्यात ‘पीएल’ टोली के त्र्यंबकेश्वर में किए गए कारनामे सामने आ रहे हैं. दर्ज मामले में भाजपा और शिवसेना शिंदे गट के कुछ उम्मीदवारों के नाम भी शामिल हैं. सातपूर पुलिस ने लोंढे टोली के खिलाफ उगवाई और जमीन पर कब्जा करने के आरोप में एक और मामला दर्ज किया है.
वर्ष 2023 से अब तक त्र्यंबकेश्वर के गट क्रमांक 10 की जमीन विवादों में रही है. इस जमीन के कई बार खरीद-बिक्री के प्रयास हुए, वहीं 2 वर्ष पूर्व लोंढे टोली ने इस जमीन पर कब्जा कर बोर्ड लगा दिया था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संदिग्धों ने हथियारों की धमकी देकर फिरोती वसूली और जान से मारने की धमकी दी. दर्ज नामों में नागेश मटाले, भावेश मटाले, भूषण लोंढे, कैलास चोथे, शांताराम बागुल, समाधान ठोके, संकेत देवरे, सोनू खाटी, अर्जुन पगारे और रवी उर्फ बाळा सोनवणे शामिल हैं.
पुलिस ने नागेश और भावेश मटाले को गिरफ्तार किया है. विशेष रूप से, आरोपी कैलास चोथे स्वयं इस चुनाव में उम्मीदवार हैं, जबकि शांताराम बागुल की पत्नी अनीता और संकेत देवरे की मां संध्या देवरे भाजपा की ओर से त्र्यंबकेश्वर नगरपरिषद चुनाव मैदान में हैं. साथ ही संदिग्ध रवी सोनवणे शिवसेना शिंदे गट से नगरसेवक पद के उम्मीदवार हैं और उनकी पत्नी नगराध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं. गंभीर आरोपों के बावजूद शहर पुलिस अभी तक संबंधित उम्मीदवारों तक नहीं पहुंची है.
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टोली रडार पर
नाशिक शहर पुलिस ने अक्टूबर माह से लोंढे टोली पर नकेल कसते हुए गोलीबारी, खंडणी, हत्या का प्रयास और अवैध कब्जे जैसे गंभीर मामले दर्ज किए हैं. इन मामलों के बाद टोली ने ‘लोंढे’ नाम हटाकर ‘मटाले’ नाम का फलक लगाने की जानकारी सामने आई है. सूत्रों के अनुसार, इसी वजह से अब मटाले गट को भी पुलिस की रडार पर रखा गया है.
