ठाणे के बाद नासिक रोड रेलवे स्टेशन पर भी बड़ा हादसा, निकली ही थी हरिद्वार एक्सप्रेस कि हो गया कांड

Nashik News: ठाणे में 9 जून को सुबह लोकल ट्रेन हादसे में 4 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इस मामले के सामने आने के बाद नासिक से भी एक बड़े हादसे की खबर सामने आई। इस हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
ठाणे में 9 जून को सुबह लोकल ट्रेन हादसे में 4 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इस मामले के सामने आने के बाद नासिक से भी एक बड़े हादसे की खबर सामने आई।
ठाणे के बाद नासिक में हादसा (सौजन्य-एक्स)
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नासिक: सोमवार की सुबह एक दुखद घटना में भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई से कुछ ही दूर, सेंट्रल रेलवे लाइन पर दिवा और मुंब्रा स्टेशनों के बीच हुए रेल हादसे में 5 यात्रियों की जान चली गई। यह हादसा सुबह करीब 9:30 बजे हुआ, जब 2 लोकल ट्रेनें एक दूसरे के समानांतर चल रही थीं।

ट्रेन के दरवाजे के पास खड़े कई यात्री गलती से बगल वाली ट्रेन में बैठे लोगों से टकरा गए, जिससे कुछ लोग रेलवे ट्रैक पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस चौंकाने वाली घटना ने दुनिया के सबसे व्यस्ततम रेलवे नेटवर्क में से एक मुंबई के उपनगरीय रेलवे नेटवर्क में भीड़भाड़ और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

हरिद्वार एक्सप्रेस पकड़ने की कोशिश

उसी दिन एक अलग घटना में, नासिक रोड रेलवे स्टेशन पर एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते समय गंभीर रूप से घायल हो गया। यात्री हरिद्वार एक्सप्रेस पकड़ने की कोशिश कर रहा था, जब प्लेटफॉर्म पर चढ़ते समय उसकी पकड़ ढीली पड़ गई, जिससे वह गिर गया और खतरनाक तरीके से ट्रैक के करीब फंस गया। इस दुर्घटना के कारण स्टेशन पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर स्थानीय रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। रेलवे अधिकारी सुनील अहिरे के अनुसार, व्यक्ति चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रहा था। उसका हाथ फिसल गया और वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गया।

अधिकारियों ने खींची आपातकाली चेन

अधिकारियों ने तुरंत ट्रेन की आपातकालीन चेन खींची और घायल व्यक्ति को बचाया, जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। अभी तक, घायल यात्री की पहचान अज्ञात है और रेलवे अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। इन लगातार दुर्घटनाओं ने एक बार फिर देश भर के रेलवे स्टेशनों पर बेहतर सुरक्षा उपायों, यात्रियों की जागरूकता और बोर्डिंग प्रथाओं के बेहतर विनियमन की तत्काल आवश्यकता को उजागर किया है।

इस मामले के बाद से मुंबई लोकल में ऑटोमेटिक दरवाजें लगाने का रेलवे विभाग ने आश्वासन दिया है। लेकिन ये हाल केवल लोकल का ही नहीं बल्कि अन्य शहरों की ट्रेनों का भी देखा गया है। इसको हादसे के बाद सरकार को भी ऐसे हादसों के बारे में संज्ञान लेना चाहिए।

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