तेजस्वी सातपुते की प्रेस कॉन्फ्रेंस, अशोक खरात मामले में ED की भूमिका और CDR लीक पर की बात

Tejaswi Satpute PC: अशोक खरात के 130 बैंक खातों में 60 करोड़ का ट्रांजेक्शन। ED और IT विभाग भी शामिल। पीड़ितों की पहचान गुप्त रखेगी SIT।
Tejaswi Satpute Ashok Kharat Press Conference
Tejaswi Satpute Ashok Kharat Press Conference (फोटो क्रेडिट-X)
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Tejaswi Satpute Ashok Kharat Press Conference: नासिक के बहुचर्चित अशोक खरात मामले में विशेष जांच दल (SIT) की प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तेजस्वी सातपुते ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में जांच के चौंकाने वाले विवरण साझा किए हैं। सातपुते ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल व्यक्तिगत अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बड़े वित्तीय घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट की ओर इशारा करता है। जांच के दौरान खरात के 130 से अधिक बैंक खातों का पता चला है, जिनमें लगभग 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण मिले हैं।

मामले की गंभीरता और इसमें शामिल करोड़ों रुपये की हेराफेरी को देखते हुए, अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (Income Tax) को भी इस जांच में शामिल कर लिया गया है। तेजस्वी सातपुते ने बताया कि एसआईटी अब इन वित्तीय कड़ियों को जोड़ने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि खरात के 'काले साम्राज्य' के आर्थिक स्रोतों का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।

CDR लीक और गोपनीयता पर कड़ा रुख

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) लीक होने और खरात के संपर्क में रहने वाले प्रभावशाली लोगों के नामों पर भी चर्चा हुई। तेजस्वी सातपुते ने इन अफवाहों और आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस डेटा की गोपनीयता (Privacy) बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के अनधिकृत डेटा लीक की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें।

पीड़ितों से अपील: पहचान रहेगी पूरी तरह गुप्त

एसआईटी प्रमुख ने उन महिलाओं और नागरिकों से निडर होकर आगे आने की अपील की है जो किसी भी तरह से अशोक खरात के शिकार हुए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। अब तक खरात के खिलाफ बलात्कार, धोखाधड़ी, और जबरन वसूली सहित 8 से अधिक गंभीर मामले दर्ज किए जा चुके हैं। जांच दल ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है ताकि पीड़ित अपनी शिकायतें बिना किसी हिचकिचाहट के दर्ज करा सकें।

वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं पर भी नजर

तेजस्वी सातपुते ने संकेत दिया कि खरात के संपर्क में रहे कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच का दायरा अब उन 'सफेदपोश' लोगों तक पहुँच गया है जिन्होंने खरात के प्रभाव का इस्तेमाल कर अनुचित लाभ उठाया। सातपुते ने आश्वासन दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और पर्याप्त सबूत मिलने पर हर दोषी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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