Deloitte Investigation: TCS कांड में डेलॉइट का डोज, अब ग्लोबल जासूस खोलेंगे धर्मांतरण का कच्चा चिट्ठा
TCS Nashik Deloitte Investigation: नासिक TCS विवाद में डेलॉइट और ट्रायलीगल की एंट्री। पीड़िता ने आरोपी रजा और निदा खान के खिलाफ किए चौंकाने वाले खुलासे। जानें इस बड़ी जांच की पूरी रिपोर्ट।
- Written By: गोरक्ष पोफली
TCS कार्यालय (सोर्स: सोशल मीडिया)
TCS Nashik Deloitte Investigation: नासिक टीसीएस में उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले मामले ने अब वैश्विक रूप ले लिया है। कंपनी के सीईओ के. कृतिवासन ने मामले की पारदर्शिता के लिए अंतरराष्ट्रीय ऑडिट दिग्गज डेलॉइट (Deloitte) और कानूनी फर्म ट्रायलीगल को नियुक्त किया है। इस हाई-प्रोफाइल जांच की कमान सीटीओ आरती सुब्रमण्यम और के.के. मिस्त्री की समिति के हाथों में है। कंपनी इस विवाद को अपने कॉर्पोरेट मूल्यों पर एक बड़े हमले के रूप में देख रही है।
प्रति सेकंड कॉल का खौफ
पीड़िता ने कार्यस्थल पर दी जाने वाली प्रताड़ना का ऐसा तरीका उजागर किया है जिसे सुनकर आईटी विशेषज्ञ भी दंग हैं। मुख्य आरोपी रजा ने अपने साथियों के साथ मिलकर सिस्टम में ऐसी सेटिंग कर दी कि पीड़िता को हर एक सेकंड में कॉल आने लगे। सामान्य तौर पर मिलने वाले 30 सेकंड के अंतराल को खत्म कर दिया गया, ताकि पीड़िता को बात करने या सांस लेने तक का समय न मिले। यह डिजिटल ‘टॉर्चर’ पीड़िता को मानसिक रूप से तोड़ने की एक सोची-समझी साजिश थी।
चरित्र हनन और वरिष्ठों की चुप्पी
आरोपी रजा केवल तकनीकी प्रताड़ना तक सीमित नहीं था, उसने पीड़िता के निजी जीवन पर भी अभद्र टिप्पणियां कीं। पीड़िता की शादी के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा और विरोध करने पर ऑफिस में उसके ‘अफेयर’ की झूठी अफवाहें फैलाई गईं। सबसे गंभीर आरोप वरिष्ठ अधिकारी चैनानी पर है, जिन्होंने शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने के बजाय इसे “हाईलाइट न होने” की सलाह देकर दबाने की कोशिश की। यह टीसीएस जैसे बड़े संस्थान की आंतरिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।
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9 FIR और एक्शन, अफवाहों पर विराम
नासिक टीसीएस में उत्पीड़न के इस सनसनीखेज मामले में अब तक 9 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और अधिकांश आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं। टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि मुख्य संदिध निदा खान मैनेजर नहीं बल्कि एक प्रोसेस एसोसिएट थी, जिसकी तलाश जारी है। कंपनी ने नाशिक कार्यालय बंद होने की खबरों को कोरी अफवाह बताते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराई है। धर्मांतरण के दावों और उत्पीड़न के इस मेल ने पूरे आईटी जगत को झकझोर कर रख दिया है।
