

TCS Nashik Case ATS Investigation: विभागीय एटीएस शाखा ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए दो मुख्य आरोपियों, रजा रफीक मेनन और शफी भिकन शेख को हिरासत में लेकर करीब 3 घंटे तक मैराथन पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, एटीएस को संदेह है कि इस पूरे सिंडिकेट की मास्टरमाइंड मानी जा रही फरार एचआर मैनेजर निदा खान के संबंध दिल्ली बम धमाकों के एक आरोपी से हो सकते हैं। रजा और शफी, जो निदा के सबसे करीबी सहयोगी माने जाते हैं, उनसे देश की सुरक्षा और निदा के नेटवर्क के बारे में तीखे सवाल पूछे गए।
जांच में एक चौंकाने वाले वॉट्सऐप ग्रुप का खुलासा हुआ है। डिजिटल सबूतों से संकेत मिले हैं कि इस ग्रुप का इस्तेमाल पीड़ितों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और उन्हें फंसाकर धर्मांतरण (Conversion) के लिए मजबूर करने की साजिश के लिए किया जा रहा था। यह महज एक कॉर्पोरेट मामला नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध प्रतीत हो रहा है।
एसआईटी (SIT) और एटीएस की संयुक्त जांच अब डिजिटल फोरेंसिक पर टिकी है। जांच टीम ने सभी 8 आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप को अपने कब्जे में ले लिया है। ऑपरेशन मैनेजर आश्विनी चेनानी को मिले 78 ईमेल और 22 फोन कॉल्स की बारीकी से जांच की जा रही है। फरार निदा खान और आरोपियों के बीच हुए उन चैट्स को खंगाला जा रहा है जो ऑफिस के काम से संबंधित नहीं थे। पुलिस इन सबूतों की क्लोनिंग कर रही है ताकि डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जा सके। एक रिसॉर्ट के सीसीटीवी फुटेज भी जब्त किए गए हैं, जहां कथित तौर पर संदिग्ध बैठकें हुई थीं।
अब तक इस मामले में 9 केस दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे पारिवारिक जिम्मेदारी का वास्ता दिया है, लेकिन एटीएस की सक्रियता और दिल्ली एटीएस से साझा की गई जानकारी यह संकेत देती है कि परदे के पीछे कोई बड़ी साजिश रची जा रही थी। निदा खान की गिरफ्तारी के बाद ही 'दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन' की असली सच्चाई सामने आ पाएगी।