नासिक के तपोवन में नहीं कटेंगे पेड़! NGT से पर्यावरणप्रेमियों को बड़ी राहत; 9 दिसंबर तक कटाई पर पूरी तरह रोक

Nashik Tapovan NGT: नासिक के तपोवन में प्रस्तावित पेड़ कटाई पर NGT ने रोक बरकरार रखी है। मामले की अंतिम सुनवाई 9 दिसंबर को होगी, तब तक पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह रोक रहेगी।
Trees in Nashik's Tapovan will not be felled
नासिक तपोवन पेड़ कटाई पर रोकफोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
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Nashik Tapovan Tree Cutting Ban: नासिक तपोवन में प्रस्तावित पेड़ कटाई के खिलाफ पर्यावरणप्रेमियों की कानूनी लड़ाई को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में 14 अगस्त को हुई सुनवाई के बाद तपोवन में पेड़ कटाई पर लगी रोक को बरकरार रखा गया है। अब इस मामले की अंतिम सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।

इसके चलते तब तक तपोवन में प्रस्तावित पेड़ कटाई पर पूरी तरह रोक रहेगी। तपोवन क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटने का प्रस्ताव है। इसके खिलाफ पर्यावरणप्रेमियों और नागरिकों में भारी नाराजगी है।

पर्यावरणप्रेमियों का कहना है कि उन्हें विकास कार्यों का कोई विरोध नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर शहर का पर्यावरणीय संतुलन किसी भी कीमत पर नहीं बिगाड़ा जाना चाहिए। विशेष रूप से पुराने और विशाल पेड़ों को बचाने के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जाना चाहिए।

विरोध नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर शहर का पर्यावरणीय संतुलन किसी भी कीमत पर नहीं बिगाड़ा जाना चाहिए। विशेष रूप से पुराने और विशाल पेड़ों को बचाने के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जाना चाहिए।

अंतिम फैसले पर टिकी नासिककरों की नजर

तपोवन के पेड़ों को बचाने के लिए पर्यावरणप्रेमियों और नागरिकों की ओर से जारी संघर्ष को एनजीटी की रोक से काफी मजबूती मिली है। अब 9 दिसंबर को होने वाली अंतिम सुनवाई में अधिकरण क्या फैसला देता है, इस पर तमाम नासिककरों की नजर टिकी हुई है।

इसी फैसले से तपोवन में प्रस्तावित पेड़ कटाई का भविष्य तय होगा और यह भी स्पष्ट होगा कि विकास के नाम पर पेड़ों की बलि दी जाएगी या पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता मिलेगी।

1 सितंबर को होगी स्वतंत्र सुनवाई

इस बीच, एनएमआरडीए के रिंग रोड के लिए प्रस्तावित पेड़ कटाई को विशेष अनुमति देने से संबंधित मामले की स्वतंत्र सुनवाई 1 सितंबर को होगी। इसके कारण तपोवन के साथ ही नासिक शहर के विभिन्न विकास प्रकल्पों में होने वाली पेड़ कटाई का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।

नासिक शहर का तेजी से विस्तार, बढ़ता यातायात और बुनियादी सुविधाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए सड़क और अन्य विकास कार्य आवश्यक है।

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लेकिन विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ काटे गए तो इसका सीधा असर शहर के पर्यावरण, तापमान और नागरिकों के भविष्य के जीवनस्तर पर पड़ सकता है। इसलिए विकास परियोजनाओं में पेड़ कटाई को पहला विकल्प न बनाते हुए पेड़ों के संरक्षण को प्राथमिकता देने की मांग पर्यावरणप्रेमियों ने की है।

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