वृक्ष बचाने के लिए तपोवन में ‘चिपको’ आंदोलन, वृक्षों की कटाई और गंदी राजनीति के खिलाफ मुहिम
Tapovan Protest Nashik: नासिक के तपोवन क्षेत्र में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वृक्षों की कटाई के विरोध में चिपको आंदोलन चलाकर सरकार से ऐतिहासिक पेड़ों को बचाने की मांग की।
- Written By: आंचल लोखंडे
Nashik tree cutting protest (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Environmental Activism: पर्यावरण के क्षरण को रोकने और तपोवन क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं भव्य वृक्षों को बचाने के लिए नासिक के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने हेतु एक दिवसीय अनोखा आंदोलन छेड़ा। आंदोलनकारी तपोवन के घने वृक्षों के नीचे एकत्र हुए और ‘तपोवन बचाओ’ हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
हाथों में ‘वृक्ष बचाओ-तपोवन बचाओ’, ‘ नासिक बचाओ’ और ‘तपोवन के शुद्ध ऑक्सीजन चेंबर रूपी वृक्षों की हत्या बंद करो’ जैसे नारों वाले पोस्टर लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति कड़ा रोष व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए अनावश्यक रूप से वृक्षों की कटाई पर जोर दे रहे हैं।
राजनीति के खिलाफ नारेबाजी
आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने उन लोगों पर निशाना साधा जो विकास के नाम पर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने ‘नको तिथे राजकारण’ (जहां जरूरत नहीं, वहां राजनीति नहीं) के नारे लगाते हुए कहा कि गंदी राजनीति के कारण शहर के फेफड़े कहे जाने वाले इन वृक्षों की बलि दी जा रही है।
सम्बंधित ख़बरें
Bullet Train से जुड़ेगा नासिक, बनेगा सुवर्ण त्रिकोण, जापान सरकार के सहयोग से मिलेगी प्रोजेक्ट को रफ्तार
त्र्यंबकेश्वर: अधिक मास में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, कुशावर्त कुंड की गंदगी पर फूटा संतों और भक्तों का गुस्सा
नासिक में मानसून से पहले मनपा का डेंगू रोधी अभियान; 951 घरों में मिला मच्छरों का लार्वा, आयुक्त ने की ये अपील
नासिक ‘बारा बंगला’ फिल्ट्रेशन प्लांट का काम अधूरा होने पर विधायक देवयानी फरांदे सख्त, दिन-रात काम के निर्देश
ये भी पढ़े: एसटी के ‘स्मार्ट कार्ड’ को भारी प्रतिसाद, सप्ताह भर में 1 लाख पंजीकरण पार
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि वृक्षों की कटाई का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा।
