

MSRTC Smart Card: राज्य के ग्रामीण भागों में यातायात का प्रमुख माध्यम बने महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम (एसटी) अब डिजिटल सेवाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए निगम द्वारा शुरू किए गए ‘एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड’ अभियान को राज्यभर में उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। महज एक सप्ताह में स्मार्ट कार्ड पंजीकरण की संख्या 1 लाख के पार पहुंच गई है। यह जानकारी परिवहन मंत्री तथा एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने दी।
मंत्री सरनाईक ने बताया कि अब तक कुल 1,00,021 यात्रियों ने एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड के लिए पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एसटी के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में तेजी से बढ़ते कदमों का प्रमाण है। विशेष रूप से रियायत प्राप्त यात्रियों ने इस पहल को सकारात्मक प्रतिसाद दिया है।
पंजीकरण में ‘महिला सम्मान योजना’ की लाभार्थी महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। इसके तहत 37,927 महिलाओं ने स्मार्ट कार्ड बनवाया। वहीं ‘अमृत ज्येष्ठ नागरिक’ योजना के अंतर्गत 34,948 वरिष्ठ नागरिकों ने पंजीकरण कराया। इसके अलावा अन्य वरिष्ठ नागरिकों की संख्या 24,927 और अन्य यात्रियों की संख्या 2,219 दर्ज की गई।
यह पहल यात्रा को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। पारंपरिक नकद लेन-देन से बाहर निकलकर डिजिटल माध्यमों को अपनाने की दिशा में यात्रियों की बढ़ती भागीदारी इस योजना की सफलता को दर्शाती है।
सोशल मीडिया पर 1 मार्च से एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड अनिवार्य किए जाने की अफवाहों पर एसटी महामंडल ने स्पष्ट किया है कि जब तक 80 प्रतिशत रियायतधारक यात्रियों का पंजीकरण पूरा नहीं हो जाता, तब तक स्मार्ट कार्ड अनिवार्य नहीं किया जाएगा।