निदा खान की गिरफ्तारी तो कल्पना खरात क्यों बाहर? सुषमा अंधारे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
Investigation Controversy: शिवसेना नेता सुषमा अंधारे ने पूछा कि निदा खान की गिरफ्तारी के बाद भी कल्पना खरात बाहर क्यों हैं? उन्होंने रूपाली चाकणकर की जांच को क्लीन चिट देने का नाटक बताया।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सुषमा अंधारे (सोर्स: फाइल फोटो)
Sushma Andhare Statement: नासिक टीसीएस मामले में मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद शिवसेना (ठाकरे गुट) की फायरब्रांड नेता सुषमा अंधारे ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। अंधारे ने पुलिस की दोहरी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि कुछ मामलों में पुलिस की तत्परता ‘सुपरफास्ट’ क्यों होती है, जबकि अन्य मामलों में आरोपी महीनों तक खुलेआम घूमते रहते हैं।
कल्पना खरात की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
सुषमा अंधारे ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि निदा खान के मामले में जिस तरह से कार्रवाई की गई, वैसी तत्परता अन्य मामलों में क्यों नहीं दिखती? उन्होंने कहा, उधर निदा खान को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन 40 दिन बीत जाने के बाद भी कल्पना खरात की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? अंधारे ने संकेत दिया कि पुलिस की कार्रवाई राजनीतिक झुकाव और दबाव के आधार पर तय की जा रही है।
रूपाली चाकणकर की पूछताछ
रूपाली चाकणकर से हाल ही में हुई साढ़े पांच घंटे की पूछताछ पर भी अंधारे ने तंज कसा। उन्होंने इसे महज एक ढोंग करार दिया।अंधारे ने दावा किया कि मीडिया हलकों में पहले से ही यह चर्चा जोरों पर है कि रूपाली चाकणकर को क्लीन चिट देना लगभग तय हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि दो महीने बाद पूछताछ के लिए बुलाना ही यह साबित करता है कि यह केवल एक औपचारिकता है। अंधारे ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा, साढ़े पांच घंटे सच में पूछताछ हुई या उन्हें दिलासा देने के लिए किसी स्पष्टीकरण पर चर्चा हुई?
सम्बंधित ख़बरें
गड़चिरोली की 5 एम्बुलेंस के इंजन समेत कलपुर्जे गायब! सिर्विसिंग के लिए भेजी थी चंद्रपुर, जानें पूरा मामला
कोका अभयारण्य में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
Maharashtra Stamp Duty Scam; राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा- दोषी अधिकारी होंगे बर्खास्त,राज्य में जांच के आदेश
महालगांव में जंगली सुअरों का हमला, 4 किसान गंभीर घायल, इलाके में दहशत
यह भी पढ़ें: गुजरात की गाड़ी ने मारी टक्कर, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हुआ हादसा, बाल बाल बची सांसद सुप्रिया सुले
सुषमा अंधारे के इन बयानों ने एक बार फिर महाराष्ट्र में कानून के राज और राजनीतिक हस्तक्षेप की बहस को छेड़ दिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अपने करीबी नेताओं को बचाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, जबकि विरोधियों या अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का ढिंढोरा पीटा जा रहा है।
