पुणे के कैंप बर्गर में फिर मिला कॉकरोच, 24 घंटे में दूसरी घटना से हड़कंप, ग्राहकों ने पूछा, कहाँ है FDA?
Cockroach in Burger: पुणे के मशहूर कैंप बर्गर में लगातार दूसरे दिन कॉकरोच मिलने से ग्राहकों में भारी नाराजगी है। FDA से तुरंत कार्रवाई और किचन की जांच की मांग की जा रही है।
- Written By: गोरक्ष पोफली
कैंप बर्गर पुणे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Camp Burger Controversy: पुणे का मशहूर और ऐतिहासिक कैंप बर्गर आउटलेट इन दिनों अपने स्वाद के लिए नहीं, बल्कि खाने में मिल रहे कॉकरोच के कारण विवादों के घेरे में है। पिछले दो दिनों में लगातार दो अलग अलग ग्राहकों द्वारा स्वच्छता को लेकर किए गए दावों ने शहर के खाद्य प्रेमियों के बीच खौफ और नाराजगी पैदा कर दी है।
24 घंटे में दो बड़ी लापरवाही
ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब एक ग्राहक ने अपने बर्गर के अंदर एक पूरा कॉकरोच मिलने का दावा किया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह घटना ठीक उसी के अगले दिन हुई, जब एक अन्य ग्राहक ने अपने भोजन में कॉकरोच का पैर मिलने की शिकायत की थी। एक के बाद एक हुई इन घटनाओं ने आउटलेट की स्वच्छता प्रणाली और किचन की स्थिति की पोल खोल दी है।
प्रशासन और स्टाफ के रवैये पर सवाल
सोशल मीडिया पर इस घटना के वायरल होने के बाद नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्राहकों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद रेस्टोरेंट के स्टाफ का रवैया बेहद लापरवाह रहा। अब मांग उठ रही है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। पुणे के निवासियों ने सवाल उठाया है कि बार-बार शिकायत मिलने के बावजूद अब तक आउटलेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई? लोकप्रिय आउटलेट्स में इस तरह की गंदगी मिलने से अब लोग पुणे के अन्य प्रसिद्ध खाने-पीने के ठिकानों पर भी संदेह करने लगे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
डब्बा पार्टी का खौफनाक अंत, अमरावती के धातखेड़ा तालाब में डूबे चार मासूम, पिकनिक बनी आखिरी सफर
मुंबई में कला, स्वास्थ्य और पर्यावरण का महासंगम, MAHF 2026 में युवाओं ने दिखाई जबरदस्त सक्रियता
अदालत के फैसले से पहले आतंकी कहना गलत, नासिक TCS केस में निदा खान की गिरफ्तारी पर वारिस पठान का कड़ा रुख
हज यात्रियों का डेटा और कैफे का वीडियो, जोगेश्वरी अस्पताल के डॉक्टर से 15 लाख की फिरौती की मांग
यह भी पढ़ें: स्याही कांड के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल, जानें विकास लवांडे और संग्रामबापू के विवाद की पूरी कहानी
पुणे में फूड हाइजीन पर बड़ा संकट
यह पहली बार नहीं है जब पुणे के किसी बड़े आउटलेट में इस तरह की समस्या सामने आई है। हालांकि, कैंप बर्गर जैसे प्रतिष्ठित नाम के साथ ऐसी घटना जुड़ना फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स की विफलता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल लाइसेंस देना काफी नहीं है, बल्कि नियमित निरीक्षण और उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाना अनिवार्य है।
