डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में काम करेंगी सुप्रिया सुले, ऑपरेशन तुतारी, राम मंदिर और खुशखबरी पर खुलकर की बात

Supriya Sule Operation Tutari: सुप्रिया सुले ने नासिक में मीडिया के सूत्रों, ऑपरेशन तुतारी, अंधविश्वास और लाडकी बहिन योजना के केवाईसी (KYC) मुद्दे पर सरकार को घेरा।
Donald Trump And Supriya Sule
डोनाल्ड ट्रंप और सुप्रिया सुले (फोटो क्रेडिट-X)
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Supriya Sule Nashik Operation Tutari Rumors: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक हलचलों, मीडिया रिपोर्टों और सरकारी योजनाओं को लेकर महायुति सरकार पर तीखा और चौतरफा हमला बोला है। नासिक में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए सुले ने पिछले एक हफ्ते से मीडिया में चल रही 'ऑपरेशन तुतारी' और शरद पवार की एनडीए (NDA) के साथ जाने की खबरों पर जमकर तंज कसा।

उन्होंने हंसते हुए कहा कि मीडिया के काल्पनिक 'सूत्र' हमें रोज किसी न किसी नई पार्टी से जोड़ देते हैं, बस अभी तक महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) से नहीं जोड़ा है। इस अफवाहबाजी से परेशान होकर उन्होंने अपने नेताओं के ग्रुप में मजाक में एक संदेश भेजा था कि अब हम सब सीधे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में काम करेंगे। उन्होंने साफ किया कि जनता ने उन्हें पार्टियां तोड़ने के लिए नहीं बल्कि नीतियां बनाने के लिए चुना है।

लाडकी बहिन योजना की हो एसआईटी जांच

सांसद सुप्रिया सुले ने सरकार की महत्वाकांक्षी 'लाडकी बहिन योजना' में बड़े वित्तीय और प्रशासनिक घोटाले की आशंका जताते हुए इसकी विशेष जांच दल से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य की लगभग 8 लाख गरीब महिलाओं को केवल केवाईसी न होने के बहाने इस योजना के लाभ से बाहर कर दिया गया है।

सुले ने सवाल उठाया, "जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ही जन धन योजना शुरू हो चुकी थी और आज देश के हर घर में आधार कार्ड मौजूद है, तो फिर इन बहनों का आधार के जरिए डिजिटल केवाईसी क्यों नहीं किया जा सका?" उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की कर्जमाफी की तरह यह योजना भी केवल विज्ञापनों और घोषणाओं तक सीमित है। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशीली दवाओं की लत और पुणे में कानून व्यवस्था की बदहाली पर भी गहरी चिंता जताई।

अंधविश्वास और दहेज प्रथा पर प्रहार; मुख्यमंत्री शिंदे की तारीफ

यशवंतराव चव्हाण और दाभोलकर के विचारों का हवाला देते हुए सुप्रिया सुले ने 21वीं सदी के महाराष्ट्र में बढ़ते अंधविश्वास और बुवाबाजी की कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ने समाज को समानता दी है, लेकिन आज की पढ़ी-लिखी युवा पीढ़ी और महिलाएं भी ढोंगी बाबाओं के चक्कर में भटक रही हैं। हालांकि, वैचारिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए सुले ने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री की सराहना की। उन्होंने बुवाबाजी और तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी करने वाले पाखंडियों को जेल भेजने के मुख्यमंत्री के कड़े कदम की तारीफ की।

इसके साथ ही उन्होंने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा पर प्रहार करते हुए लड़कियों से अपील की कि वे ऐसे लड़कों से शादी का बहिष्कार करें जो दहेज में कार या पैसे मांगते हैं। उन्होंने कहा कि लड़कियों को आत्मनिर्भर होना होगा और केवल इलेक्ट्रिक कार (Electric Car) रखने वाले स्वावलंबी लड़कों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।

राम मंदिर में भ्रष्टाचार से बड़ा पाप क्या?

सुप्रिया सुले ने देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में हो रहे कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी बेहद आक्रामकता से उठाया। उन्होंने कहा कि वे प्रभु श्रीराम के आदर्शों और संस्कारों को मानती हैं, जिसके लिए कई पीढ़ियों ने लंबा संघर्ष किया है। सुले ने कड़ा सवाल किया, "अगर अयोध्या के राम मंदिर, उज्जैन के महाकाल और सिद्धिविनायक मंदिर के प्रबंधन में भ्रष्टाचार की बातें सामने आ रही हैं, तो इससे ज्यादा गंदा और पाप से भरा काम कुछ नहीं हो सकता। सरकार इसकी निष्पक्ष जांच क्यों नहीं करा रही है?"

पवार परिवार में गूंजेगी एक और खुशखबरी

भाषण के अंत में उन्होंने पवार परिवार के प्रशंसकों को एक बेहद सुखद पारिवारिक जानकारी भी साझा की। सुले ने बताया कि इस साल पवार परिवार के बेटों ने शादी के बंधन में बंधने का मन बना लिया है। पहले युगेंद्र और जय की शादी हुई, फिर रेवती की और अब पार्थ पवार की सगाई होने जा रही है। उन्होंने मुस्कुराते हुए संकेत दिया कि बारामती के इस परिवार से जल्द ही एक और बड़ी खुशखबरी जनता के सामने आने वाली है।

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