अशोक खरात व अजित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sunil Mane claims On Black Magic: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एक सनसनीखेज मोड़ आ गया है। नासिक के तथाकथित तांत्रिक अशोक खरात को दुष्कर्म के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है, लेकिन इस गिरफ्तारी ने अब एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता सुनील माने ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए इस मामले को पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आवास से जोड़ दिया है।
शरद पवार गुट के नेता सुनील माने का आरोप है कि कुछ समय पहले अजित पवार के आवास के बाहर जो संदिग्ध जादू-टोना और काला जादू किया गया था, उसके पीछे अशोक खरात का ही हाथ है। माने ने कहा कि अजित पवार कभी इन अंधविश्वासों में यकीन नहीं रखते थे, लेकिन उनकी ही पार्टी के कुछ लोग उन्हें प्रभावित करने और भ्रमित करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर मांग की है कि महाराष्ट्र में जादूटोना विरोधी कानून लागू है, इसलिए इस पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी (SIT) के माध्यम से होनी चाहिए।
इस विवाद की आंच अब महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर तक भी पहुंच गई है। सुनील माने ने उन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि खरात जैसे गंभीर आरोपी के मामले में महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी को देखते हुए उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अशोक खरात को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि बेहद निंदनीय है।
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मामले की गंभीरता और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। इस एसआईटी की कमान तेजतर्रार महिला आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सातपुते को सौंपी गई है। यह टीम अब खरात के आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ उसके राजनीतिक रसूख और जादूटोना संबंधी आरोपों की गहराई से जांच करेगी। विपक्ष ने मांग की है कि उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को खुद इस मामले में दखल देना चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।