

Nashik Shalarth ID Scam: करोड़ों रुपये के बहुचर्चित शालार्थ आईडी घोटाले में नामजद आरोपी तथा शेंदुर्णी शिक्षण संस्था के सहसचिव दीपक गरुड़ की जमानत याचिका पर सोमवार 7 सितंबर को अदालत में सुनवाई हुई। लेकिन, विशेष जांच दल द्वारा न्यायालय में अपना जवाब दाखिल न किए जाने के कारण अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।
दीपक गरुड़ वर्तमान में नासिक रोड मध्यवर्ती जेल के अस्पताल में उपचाररत है। दूसरी ओर, इस पूरे घोटाले के मुख्य सूत्रधार व तकनीकी विशेषज्ञ तुषार सालुंके की पुलिस हिरासत अवधि समाप्त होने पर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच में सामने आया है कि सालुंके ने तत्कालीन शिक्षा अधिकारी प्रवीण अहिरे और वेतन दल अधीक्षक मीनाक्षी गिरी के साथ सांठगांठ कर फर्जी आईडी बनाने का गिरोह चलाया था। इस मामले में एजेंट प्रशांत वाडले के माध्यम से लाखों रुपये की रिश्वत और करोड़ों के अवैध लेनदेन का पर्दाफाश हुआ है।
इसी बीच, मामले के मुख्य संदिग्ध तथा भाजपा पदाधिकारी संजय गरुड़ की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। चिकित्सीय कारणों का हवाला देकर नासिक जिला अस्पताल में भर्ती संजय गरुड़ द्वारा जमानत याचिका वापस लेते ही उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर नासिक रोड जेल भेज दिया गया है। चिकित्सीय बाधा दूर होने के बाद अब शहर अपराध शाखा द्वारा उसे दोबारा हिरासत में लेकर गहन पूछताछ किए जाने की प्रबल संभावना है।