841 फर्जी नियुक्तियां और 160 करोड़ की चपत! शालार्थ आईडी घोटाले में नासिक क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन

Nashik Shalarth ID Scam: 160 करोड़ रुपये के शालार्थ ID फर्जीवाड़े में नासिक क्राइम ब्रांच ने नासिक, धुलिया, नंदुरबार और जलगांव के शिक्षा अधिकारियों को तलब कर दस्तावेज मांगे हैं।
Major action in Shalarth ID scam
शालार्थ ID घोटाले में बड़ा एक्शनप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Nashik Shalarth ID Fraud Case: राज्य भर में चर्चा का विषय बने लगभग 160 करोड़ रुपये के बहुचर्चित 'शालार्थ आईडी' फर्जीवाड़ा मामले में नासिक शहर क्राइम ब्रांच ने अब आक्रामक रुख अपना लिया है। जांच में शिक्षा विभाग की ओर से अपेक्षित सहयोग न मिलने पर पुलिस ने नासिक, धुलिया, नंदुरबार और जलगांव- इन चारों जिलों के शिक्षा अधिकारियों को क्राइम ब्रांच कार्यालय तलब कर उनकी क्लास लगाई।

पुलिस ने संशयित शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों को रीतसर नोटिस भी जारी किए हैं, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। गत मार्च 2026 में शालार्थ आईडी धोखाधड़ी मामले में नासिक रोड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि संशयितों ने आपसी मिलीभगत से शासन को 160 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाई है।

पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के मार्गदर्शन में शहर क्राइम ब्रांच के सहायक आयुक्त संदीप मिटके इस मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि नासिक शिक्षा उपसंचालक कार्यालय के अधिकार क्षेत्र वाले चारों जिलों में 841 शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने व्यक्तिगत मान्यता और शालार्थ प्रस्ताव के बिना ही पिछली तारीखों की फर्जी नियुक्तियां दिखाकर शासन से करोड़ों रुपये का वेतन और एरियर हासिल किया।

दस्तावेजों के अभाव में लटकी जांच

इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल 1200 संशयित सामने आ चुके है। पुलिस द्वारा संशयित्तों से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की मांग के बावजूद चारों जिलों के शिक्षा विभाग से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी, जिससे जांच की गति धीमी पड़ गई थी, आखिरकार, क्राइम ब्रांच ने शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें चेतावनी दी और नियुक्तियाँ, मान्यता, शालार्थ आईडी और वेतन से जुड़े सभी दस्तावेज तुरंत जांच एजेंसी को सौंपने के कड़े निर्देश दिए।

Major action in Shalarth ID scam
धन्नीपुर में मस्जिद के लिए आवंटित जमीन के मालिकाना हक को लेकर दायर याचिका खारिज

उच्च न्यायालय में जमानत के लिए दौड़

इस मामले के 15 संशयितों ने नासिक रोड कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद गिरफ्तारी की तलवार लटकने पर इन संशयितों ने मुंबई हाईकोर्ट का रुख किया है।

हाईकोर्ट जाने वालों में भाऊसाहेब चव्हाण, मीनाक्षी गिरी, प्रदीप शिंगणे, अतुल पवार, राहुल पवार, उमेश पवार, मनीष कदम, किरण कुवर, प्रवीण अहिरे, भास्कर पाटील, देविदास महाजन, अविनाश पाटिल, मनोज पाटिल और शरद शिंदे शामिल हैं।

मुख्य आरोपी अस्पताल में भर्ती

फर्जी शालार्थ आईडी घोटाले के सिलसिले में शेदुनी एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष संजय गरुड़ को 27 जुलाई की रात सोलापुर जिले के एक फार्म हाउस से नासिक क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।

अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेजा था, लेकिन तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब से उनका इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है, जिसके चलते पुलिस अभी तक उनसे विस्तृत पूछताछ नहीं कर पाई है।

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