सातपुर-अंबड एमआईडीसी की सड़कों को मिलेगी नई रफ्तार, डीपीआर तैयार करने के उद्योग मंत्री के निर्देश

Satpur Ambad MIDC: नासिक के सातपुर-अंबड एमआईडीसी की सड़कों के विकास के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उद्योग मंत्री उदय सामंत ने सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की।
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सातपुर अंबड एमआईडीसी(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Satpur MIDC Roads: नासिक शहर से सटे सातपुर और अंबड औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मनपा को हस्तांतरित की गई आंतरिक सड़कों का काम नासिक महानगरपालिका और जिला नियोजन समिति के माध्यम से पूरा किया जाए।

साथ ही महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) के स्वामित्व वाली सड़कों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर आवश्यक मंजूरी के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ऐसे निर्देश उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने दिए।

सड़क पानी और अग्निशमन सुविधाओं पर जोर

मंत्रालय में डॉ. सामंत की अध्यक्षता में नासिक जिले की औद्योगिक और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा के लिए बैठक हुई। नासिक शहर से सटे औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कें, जलापूर्ति, अग्निशमन सुविधाएं, आईटी पार्क, सामूहिक सीवेज उपचार केंद्र और ट्रक टर्मिनस सहित विभिन्न बुनियादी सुविधाओं पर बैठक में विस्तृत चर्चा की गई।

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एमआईडीसी की सड़कों की समीक्षा की

नासिक शहर से सटे अंबड, चुंचाले और पाथर्डी में 515।50 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त नासिक (अंबड) औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। इस औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों और स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए इन्हें चरणबद्ध तरीके से नासिक महानगरपालिका को हस्तांतरित किया गया है। वर्तमान में सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में अंबड और सातपुर एमआईडीसी क्षेत्र में सीमेंट-कंक्रीट सड़कों का काम महानगरपालिका की ओर से बड़े पैमाने पर चल रहा है।

हस्तांतरित सड़कों का काम संबंधित विभागों के बीच समन्वय रखते हुए समय पर पूरा किया जाए, ऐसे निर्देश डॉ. सामंत ने दिए. इसके साथ ही एमआईडीसी के स्वामित्व वाली सड़कों की वर्तमान स्थिति, आवश्यक कार्य और अनुमानित लागत का उल्लेख करते हुए डीपीआर तैयार कर प्रस्ताव तत्काल मंजूरी के लिए प्रस्तुत करने को कहा।

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पानी, अग्निशमन और ट्रक टर्मिनस पर भी जोर

नासिक जिले के औद्योगिक क्षेत्रों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाने पर भी बैठक में जोर दिया गया। एमआईडीसी क्षेत्र की जलापूर्ति योजना की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने, दिंडोरी में अग्निशमन केंद्र स्थापित करने के लिए सर्वेक्षण करने, आईटी पार्क के निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने, सामूहिक सीवेज उपचार केंद्र स्थापित करने तथा ट्रक टर्मिनस विकसित करने के संबंध में भी चर्चा की गई। औद्योगिक क्षेत्रों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करें, ऐसा निर्देश भी उद्योग मंत्री डॉ. सामंत ने दिया।

बैठक में विधान परिषद सदस्य किशोर दराडे, गोकुल गिते, पूर्व विधायक नरेंद्र दराडे, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल के सहमुख्य कार्यकारी अधिकारी अजित कुंभार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग आयुक्तालय की सहआयुक्त मृणालिनी देवराज, अभियंता राहुल बनसोड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद और नासिक महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुईं।

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