रुपाली चाकणकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rupali Chakankar Absent SIT Inquiry: भोंदूबाबा अशोक खरात और उसकी ‘शिवनिका संस्था’ से जुड़े विवादों ने अब राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज कर दी है। इस मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कद्दावर नेता और राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रुपाली चाकणकर की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। मंगलवार को लगातार दूसरी बार चाकणकर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के समक्ष जांच के लिए उपस्थित नहीं हुईं, जिससे इस पूरे मामले में रहस्य और गहरा गया है।
SIT मुख्य रूप से इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या रुपाली चाकणकर के राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रहते हुए अशोक खरात या उसके ट्रस्ट को किसी भी प्रकार का अनुचित लाभ पहुंचाया गया था। सूत्रों के अनुसार, खरात के साथ उनके कथित संबंधों और आधिकारिक फैसलों के बीच के लिंक को खंगाला जा रहा है। सोमवार को चाकणकर ने नासिक पहुंचने में देरी और महिला होने का हवाला देते हुए आने से असमर्थता जताई थी, लेकिन मंगलवार को भी उनकी अनुपस्थिति ने जांच एजेंसी को कड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।
रुपाली चाकणकर और अन्य ट्रस्टियों के असहयोग को देखते हुए SIT ने अब अपनी जांच का ‘एंगल’ बदल दिया है। अब जांच का पूरा फोकस अशोक खरात के मोबाइल फोन से मिले डेटा पर है।
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शिवनिका संस्था के पुराने और वर्तमान ट्रस्टियों को भी पूछताछ के लिए नाशिक तलब किया गया है। पुलिस का मानना है कि तकनीकी सबूतों के जरिए ऐसे सच सामने आ सकते हैं जो अब तक बयानों में छिपाए जा रहे थे। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, महाराष्ट्र की राजनीति में इस ‘भोंदू बाबा’ कनेक्शन को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है।