नासिक के रामकुंड में महिला श्रद्धालुओं की सुविधा बदहाल, टूटी छत और गंदगी पर मनपा घिरी
Nashik Ramkund News: नासिक के रामकुंड में महिलाओं के वस्त्रालयालय की छत पहली बारिश में उड़ गई। गंदगी और प्रशासन की लापरवाही के कारण महिला श्रद्धालुओं को निजता और सुरक्षा की भारी समस्या है।
- Written By: रूपम सिंह
नासिक रामकुंड (फोटो.सोशल मीडिया)
Nashik Municipal Corporation Ramkund : पवित्र रामकुंड परिसर में आने वाली महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मनपा प्रशासन द्वारा बनाए गए अस्थायी वस्त्रालयालय की स्थिति बेहद बदहाल और दयनीय हो चुकी है। प्रशासन की इस घोर लापरवाही के खिलाफ अब स्थानीय और बाहर से आने वाली महिलाओं ने तीव्र नाराजगी व्यक्त करते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
पहली बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने मनपा के निर्माण कार्य और उसकी मजबूती की पोल खोलकर रख दी है। बारिश के कारण इस वस्त्रांतरगृह की छत पर लगे टीन के पत्रे उखड़कर नीचे गिर गए हैं।
गंदगी के अंबार के कारण उपयोग करना हुआ मुहाल
छत न होने के कारण यह शेड अब पूरी तरह से असुरक्षित और अनुपयोगी हो गया है। छत्त उखड़ने की मार तो अपनी जगह थी ही, रही-सही कसर नासिक मनपा के स्वच्छता विभाग ने पूरी कर दी। इस शेड के भीतर लंबे समय से कोई साफ-सफाई नहीं की जा रही है, जिसके चलते पूरे परिसर में भीषण गंदगी और अस्वच्छता का साम्राज्य निर्माण हो गया है।धार्मिक अनुष्ठान और स्नान के लिए आने वाली महिलाओं ने तीखे शब्दों में शिकायत की है कि गंदगी और टूटी छत के कारण वे इस वस्त्रांतरगृह का उपयोग बिल्कुल नहीं कर पा रही है।
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महिलाओं ने सवाल उठाया है कि करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करने वाला प्रशासन महिलाओं की बुनियादी सुध और निजता (प्राइवेसी) की सुरक्षा को लेकर इतना उदासीन कैसे हो सकता है?
क्या कुंभ मेले और प्राधिकृत विकास की बातें करने वाला मनपा प्रशासन मानसून से ठीक पहले इस महत्वपूर्ण शेड की मरम्मत कराएगा, या महिला श्रद्धालुओं को इसी तरह खुले में और गंदगी के बीच परेशान होना पड़ेगा? नागरिकों ने मांग की है कि इस बदहाली को तुरंत दुरुस्त किया जाए और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
