चंद्रपुर के जंगल में बाघ से भिड़ी गर्भवती गाय, गांव तक दौड़कर पहुंची, युवक ने दुपट्टे से किया रेस्क्यू

Pregnant Cow Fights Tiger Attack: चंद्रपुर के पोंभुर्णा में बाघ ने गर्भवती गाय पर हमला किया। गाय बाघ से भिड़कर घायल हालत में गांव पहुंची, जहां युवक और रेस्क्यू टीम ने उसकी मदद की।
Pregnant Cow Fights Tiger Attack And Survives In Chandrapur
चंद्रपुर में गर्भवती गाय ने बाघ के हमले का मुकाबला किया(सोर्स: AI)
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Cow Fights Tiger Attack And Survives: चंद्रपुर जिले के पोंभुर्णा तहसील के सातारा तुकूम क्षेत्र के जंगल में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब चरने गई एक गर्भवती गाय पर पूर्ण विकसित बाघ ने अचानक हमला कर दिया।

बताया गया कि गाय जंगल में चर रही थी, तभी बाघ ने घात लगाकर उस पर हमला किया। बाघ के हमले में गाय गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके शरीर से काफी खून बहने लगा। इसके बावजूद गाय ने हिम्मत नहीं हारी।

पेट में पल रहे बछड़े की रक्षा के लिए उसने बाघ का जमकर प्रतिरोध किया। गाय के इस संघर्ष से बाघ को पीछे हटना पड़ा और मौका मिलते ही वह घायल अवस्था में जंगल से गांव की दिशा में भागने लगी।

लहूलुहान गाय गांव पहुंची, युवक ने दिखाई बहादुरी

बाघ से संघर्ष के बाद गंभीर रूप से घायल गाय किसी तरह चंद्रपुर के गांव के पास पहुंच गई। गाय के गांव के समीप आने की जानकारी मिलते ही स्थानीय युवक रोशन राठौड़ तत्काल मौके पर पहुंचे। क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के कारण उस समय भी खतरा बना हुआ था, लेकिन रोशन ने अपनी जान की परवाह किए बिना घायल गाय को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का फैसला किया।

मौके पर कोई वाहन या अन्य साधन उपलब्ध नहीं था। ऐसे में उन्होंने अपने गले में पहना दुपट्टा उतारा और उसकी मदद से गाय को बांधा। इसके बाद काफी सावधानी के साथ उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। रोशन के इस साहस की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।

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रेस्क्यू टीम ने किया प्राथमिक इलाज, आगे इलाज के लिए भेजा

गाय को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद प्यार फाउंडेशन, चंद्रपुर की वन्यजीव एवं प्राणी रेस्क्यू टीम से संपर्क किया गया। सूचना मिलते ही टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायल गाय का प्राथमिक इलाज किया। बाघ के हमले के कारण गाय के शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं और काफी रक्तस्राव भी हुआ था।

प्राथमिक इलाज के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए आगे के इलाज के लिए ले जाया गया। घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में बाघ की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ गई है। जंगल के आसपास मवेशियों को चराने जाने वाले लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।

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