

Protest Against Heavy Vehicles Entry In Lendana:नासिक जिले के लेंडाणा में हुए दिल दहला देने वाले सड़क हादसे और उसके अगले दिन ब्रिज के नीचे एक बुजुर्ग महिला की दुर्घटना में मौत के बाद मैक्स स्टेप्स फाउंडेशन के जिम्मेदारों ने भारी वाहनों के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है।
मैक्स स्टेप्स फाउंडेशन की टीम सबसे पहले लेंडाणा गांव पहुंची और हादसे में जान गंवाने वाली बच्ची के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। फाउंडेशन के जिम्मेदारों ने कहा, ‘यह बच्ची सिर्फ आपकी नहीं, बल्कि पूरे मालेगांव की बच्ची है। पूरा शहर आपके दुख में आपके साथ खड़ा है।’
परिजनों ने कहा कि वे आर्थिक रूप से सक्षम हैं और फाउंडेशन के सदस्यों का उनके घर आकर दुख में शामिल होना ही उनके लिए बड़ी बात है। इसके बाद फाउंडेशन की टीम टिंगरी गांव पहुंची, जहां हादसे में जान गंवाने वाली बुजुर्ग महिला के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और आर्थिक सहायता के तौर पर एक बड़ी रकम का चेक सौंपा।
घटनास्थल पर ही रिजवान बैटरीवाला ने हाईवे अथॉरिटी के जिम्मेदार अधिकारियों को बुलाया। मौके पर मौजूद छोटे और नाकाफी स्पीड ब्रेकर को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और अपने अंदाज में उसे उखाड़ दिया।
उन्होंने अधिकारियों से सवाल करते हुए कहा, 'तीन साल में इसी जगह पर 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। आप हाथ पर हाथ रखकर क्यों बैठे हैं?' इस दौरान हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। फाउंडेशन के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर अब किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फाउंडेशन की ओर से डोंगराले टोल नाके के ठेकेदार को भी मौके पर बुलाकर सवाल किया गया कि लगातार हो रही इन मौतों की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दिनदहाड़े भारी वाहन शहर की ओर तेज रफ्तार से छोड़े जा रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। मौके पर ग्रामीणों और फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने कई भारी वाहनों को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया।
साथ ही दिन के समय शहर में भारी वाहनों की एंट्री बंद करने का अल्टीमेटम दिया गया। फाउंडेशन और नासिक जिले के ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों के नियंत्रण की मांग को लेकर अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस आंदोलन में हिंदू-मुस्लिम एकता के साथ पूरे क्षेत्र के लोगों को शामिल करने का आह्वान किया गया है।