करार में देरी से नासिक में अटकी पीएम ई-बस योजना; डिपो तैयार फिर भी 50 बसों के लिए करना होगा लंबा इंतजार
Nashik PM E-Bus Sewa: प्रशासनिक और तकनीकी करार में देरी के कारण नासिक में प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत मिलने वाली 50 इलेक्ट्रॉनिक बसें एक साल से अटकी हैं। डिपो का काम पूरा हो चुका है।
- Written By: रूपम सिंह
ई-बस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Municipal Corporation PM E-Bus Sewa: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और इलेट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील के बावजूद नासिक मनपा को प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत मिलने वाली 50 ई-बसें अब तक नहीं मिल सकी हैं। केंद्र और राज्य सरकार की प्रक्रियात्मक देरी के कारण यह परियोजना पिछले एक वर्ष से अटकी हुई है।
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त ऑपरेटर कंपनी JBM Eco Life के साथ नासिक मनपा का करार अब तक अंतिम रूप नहीं ले पाया है। इसी वजह से सिटीलिंक को ई-बसों का इंतजार करना पड़ रहा है और फिलहाल डीजल बसों का उपयोग जारी रखना पड़ रहा है।
ई-बस डिपो का निर्माण कार्य पूरा
आडगांव स्थित ई-बस डिपो का निर्माण कार्य दो महीने पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन शासन स्तर पर करार का मसौदा अंतिम न होने के कारण आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार से अनुबंध का प्रारूप प्राप्त होने के बाद नासिक महापालिका और ऑपरेटर कंपनी के बीच औपचारिक करार किया जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई चीज नहीं, साइबर फ्रॉड से बचने का मंत्र, नागपुर पुलिस ने चलाया जनजागृति अभियान
नागपुर में जलभराव रोकने की तैयारी, नाले और अतिक्रमण का निरीक्षण; मानसून तैयारी पर फोकस
रामदासपेठ हादसे का बड़ा खुलासा: गैंगवार में गई बुजुर्ग की जान! नागपुर में भागती कार ने साइकिल सवार को कुचला
राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने पर भी नहीं मिला बोनस; नासिक रोड पर महावितरण कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन
यह भी पढ़ें:- राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने पर भी नहीं मिला बोनस; नासिक रोड पर महावितरण कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन
100 ई-बसों के लिए पार्किंग व्यवस्था
- इसके बाद संबंधित कंपनी को ई-बसों की आपूर्ति के आदेश जारी किए जाएंगे। हालांकि, ई-बसों की मांग अधिक होने के कारण बसों की आपूर्ति में भी चार से छह महीने का अतिरिक्त समय लग सकता है।
- बताया जा रहा है कि पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेष 50 ई-बसों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शासन से करार मसौदा प्राप्त होने के बाद पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने में लगभग चार महीने का समय लग सकता है।
- दूसरे चरण के तहत अतिरिक्त 50 ई-बसों को भी मंजूरी मिल चुकी है। आडगाव ट्रक टर्मिनस में 100 ई-बसों की पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जा रही है और इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।
